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नाबालिग की गला घोंटकर हत्या करने वाले आरोपी पति पत्नी की जमानत निरस्त

नाबालिग की गला घोंटकर हत्या करने वाले आरोपी पति पत्नी की जमानत निरस्त

हरदा। सिराली थाना अंतर्गत नाबालिक आदिवासी लड़की सलोनी उर्फ मटका की गलाघोट कर हत्या करने वाले आरोपी आकाश गोयल ओर उसकी पत्नी शकीला बी की जमानत विशेष न्यायधीश श्री एस,के,जोशी द्वारा निरस्त कर दी गई। विशेष लोक अभियोजक सुखराम बामने ने बताया कि पुलिस थाना सिराली के अपराध क्रमांक 153/ 20 अंतर्गत धारा 363, 366, 302, 120 बी /34

आईपीसी, पॉस्को एवं एससी एसटी एक्ट के मामले में आरोपी आकाश गोयल एवं शकीला बी की जमानत विशेष न्यायालय हरदा से खारिज की गई है। ज्ञात हो कि सिराली थाने का बहुचर्चित मामला जिसमें ग्राम पिपलिया की रहने वाली सलोनी उर्फ मटका सिराली में एक ठेकेदार के यहां काम करने जाती थी। वहां से उसे आरोपी का मामा मांगीलाल द्वारा अपनी मोटरसाइकिल पर बैठाकर ले गया था और बाद में आरोपीगण  द्वारा किसी से शादी कराने के नाम पर खंडवा ले गए। जब मृतिका ने शादी करने से इनकार किया तो आरोपी आकाश गोयल एवं उसकी पत्नी शकीला बी ने मिलकर उसका गला घोट कर हत्या कर दी और लाश को छुपा दिया। 

पुलिस द्वारा काफी मेहनत मशक्कत करने के उपरांत मृतिका सलोनी और मटका का कंकाल आरोपी के बताए स्थान से जप्त कराया था और उसकी पहचान कपड़ा देखकर उसके पिता द्वारा की गई थी। बाद में उसका डीएनए कराया गया उसके उपरांत आरोपी गणों को गिरफ्तार किया गया, तभी से आरोपी जेल में है। 

26 मार्च 2021 को आरोपी गण की जमानत पर तर्क हेतु नियत की, जिसमें शासकीय अधिवक्ता सुखराम बामने द्वारा घोर आपत्ति व्यक्त करते हुए कहा गया कि नाबालिग बालिका को शादी के बहाने बहला-फुसलाकर ले जाने वाले आकाश गोयल एवं उसकी पत्नी शकीला भी इस प्रकरण में मुख्य आरोपी है। ऐसी परिस्थिति में इन लोगों को जमानत का लाभ दिया गया तो यह निश्चित रूप से गवाहो ओर सबूतों के साथ छेड़खानी करेंगे। उनके द्वारा जो कृत्य किया गया है, समाज के सामने शर्मसार करने वाला है। ऐसे लोगो को जमानत का लाभ देना उचित नहीं होगा, इससे समाज में विपरीत प्रभाव पड़ने की संभावना है।

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