हत्या के मामले में दो आरोपियों को सश्रम आजीवन कारावास की सजा

हत्या के मामले में दो आरोपियों को सश्रम आजीवन कारावास की सजा

हत्या के मामले में दो आरोपियों को सश्रम आजीवन कारावास की सजा

लोकमतचक्र  डॉट कॉम। 

हरदा। जिले के हंडिया थानाक्षेत्र में करीब ढ़ाई साल पहले हत्या के एक मामले में विशेष न्यायाधीश एससी-एसटी एक्ट ने शनिवार को फैसला सुनाया है। विशेष न्यायालय ने दो आरापी महेश उर्फ पप्पू कीर उम्र 32 साल निवासी ग्राम भमौरी थाना हंडिया एवं गोविंद कीर उम्र 35 साल निवासी ग्राम कोठरा थाना शिवपुर जिला होशंगाबाद को दोषी पाए जाने पर सश्रम आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। वहीं अलग-अलग धाराओं में सजा व अर्थदंड से दंडित किया है। प्रकरण में शासन की ओर से आशाराम रोहित जिला लोक अभियोजन एवं विनोद कुमार अहिरवार सहायक जिला लोक अभियोजन ने पैरवी की।


मीडिया प्रकोष्ठ अभियोजन श्री अहिरवार ने बताया कि मामला 6 सितंबर 2020 का है। उस समय फरियादिया श्रीमति सुगना बाई पति अमरसिंह परते ने इंडिया थाना पहुंचकर रिपोर्ट लेख कराई कि मैं और मेरे पति अमरसिंह परते ग्राम भमौरी में कंजू सेठ के खेत में बने टप्पर में रहकर उनके खेत की रखवाली करते हैं। बीती रात पति-पत्नी सो रहे थे। इस दौरान टप्पर की लाईट चालू थी। दोनों गहरी नींद में थे, तभी मेरा कान खींचने के कारण दर्द हुआ। जिसके चलते नींद खुल गई और देखा कि एक व्यक्ति मेरे सिर के पास तथा दूसरा मेरे पति के पास खड़ा हुआ था। दूसरे व्यक्ति के हाथ में लाठी थी। जिस वजह से मैं चिल्लाने लगी तो आवाज सुनकर पति की भी नींद खुल गई।
दूसरे व्यक्ति के हाथ में लाठी थी। जिस वजह से मैं चिल्लाने लगी तो आवाज सुनकर पति की भी नींद खुल गई। यह देखकर वे दोनों भागने लगे। जिनका पति ने पीछा करके रोकने का प्रयास किया। तभी उनमें से एक व्यक्ति गांव का महेश कीर निकला। जिसने गुस्से में आकर पति के सिर पर लाठी मार दी। जिसके चलते वह जमीन पर गिरकर बेसुध हो गए। इसका फायदा उठाकर दोनों आरोपी भी वहां से भाग गए। फरियादिया ने अपनी रिपोर्ट में यह भी बताया कि मारपीट के कुछ देर बाद मुझे समझ आया कि पैरों कड़ी गायब है। वहीं कान के फूल भी नही मिले। फरियादिया मुताबिक मारपीट के कारण उसके पति की मृत्यु हो गई। मामले में हंडिया पुलिस ने आरोपियों के विरूद्ध धारा 460, 302, 394, 34 भादसं 3 ( 2 ) (ङ्क) एससी-एसटी एक्ट अंतर्गत अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना उपरंात माननीय न्यायालय के समक्ष अभियोग पत्र प्रस्तुत किया। जिस पर लंबी सुनवाई के बाद 6 मई को फैसला आया है। मीडिया प्रभारी श्री अहिरवार ने बताया कि विशेष न्यायालय ने आरोपी महेश और गोविंद को धारा 460 भादसं में दोषसिद्ध पाते हुए सश्रम आजीवन कारावास व एक-एक हजार रूपये का अर्थदंड एवं धारा 302 भादसं में दोनों आरोपियों को सश्रम आजीवन कारावास व एक- एक हजार रूपये का अर्थदंड एवं धारा 394 भादसं में दोनो आरोपियों को सश्रम आजीवन कारावास व एक-एक हजार रुपये का अर्थदंड तथा 3(2)(ड) एससी-एसटी एक्ट अंतर्गत सश्रम आजीवन कारावास एवं एक-एक हजार रूपए अर्थदंड की सजा सुनाई है।

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