मधुमेह/डायबिटीज मरीजों को किस तरह के 11 खाद्य चीजों का सेवन नहीं करना चाहिए, जानने के लिए पढ़े.

क्या है मधुमेह/डायबिटीज...? कैसे पहचाने रोग के लक्षण मधुमेह/डायबिटीज मरीजों को किस तरह के 11 खाद्य चीजों का सेवन नहीं करना चाहिए, जानने के लिए पढ़े.

क्या है मधुमेह/डायबिटीज...? कैसे पहचाने रोग के लक्षण

मधुमेह/डायबिटीज मरीजों को किस तरह के 11 खाद्य चीजों का सेवन नहीं करना चाहिए, जानने के लिए पढ़े...


लोकमतचक्र डॉट कॉम। 

मधुमेह की बीमारी को डायबिटीज और शुगर भी कहा जाता है। ये बीमारी अनुवाशिंक भी होती है और खराब जीवनशैली के कारण भी होती है। मधुमेह के मरीजों को अपने खाने-पीने का विशेष ध्यान रखना चाहिए। क्योंकि मधुमेह के मरीज का ब्लड शुगर लेवल का ना तो सामान्य से अधिक होना ठीक रहता है और ना ही सामान्य से कम होना ठीक रहता है। ऐसे में इसकी जांच कर लेवल का पता लगाते रहना चाहिए । अगर मधुमेह का लेवल बहुत ज्यादा बढ़ जाए या फिर बहुत ज्यादा कम हो जाए, तो दोनों ही स्थिति में मरीज की सेहत पर खतरा मंडराता है। ये दोनों ही स्थितियां जानलेवा मानी जाती हैं।

डायबिटीज क्या है? जब शरीर के पैन्क्रियाज में इन्सुलिन की कमी हो जाती है, मतलब कम मात्रा में इन्सुलिन पहुंचता है, तो खून में ग्लूकोज की मात्रा भी ज्यादा हो जाती है। इसी स्थिति को डायबिटीज कहते हैं। इन्सुलिन की बात करें, तो यह एक तरह का हार्मोन होता है। जो शरीर के भीतर पाचन ग्रंथि से बनता है। इसका काम भोजन को ऊर्जा में बदलना होता है। ऐसे में इस बात का विशेष ध्यान रखना चाहिए कि मधुमेह के मरीज कब और क्या खा रहे हैं। इससे ब्लड शुगर का लेवल नियंत्रित रहता है। इसके लिए डॉक्टर दवाएं देते हैं और कई घरेलू नुस्खे भी हैं, जिनकी मदद से मधूमेह को नियंत्रण में रखा जा सकता है।

मधुमेह के लक्षण क्या हैं? तो चलिए अब शुगर के लक्षण मतलब ब्लड शुगर के लक्षण के बारे में जान लेते हैं-

  • अधिक प्यास लगना
  • अधिक पेशाब आना
  • अधिक भूख लगना
  • वजन कम होना

अगर मामला गंभीर है, तो ये लक्षण भी दिख सकते हैं-

  • बेहोशी आना
  • दौरा पड़ना
  • व्यवहारिक बदलाव

मधुमेह का लेवल उन मरीजों में कम होता है, जो आमतौर पर डायबिटीज के टाइप-1 और टाइप-2 से जूझ रहे होते हैं। हालांकि इस बीमारी के अधिकतर मामले हलके और सामान्य ही होते है, ना कि इमरजेंसी वाले।

ये ना खाये डायबिटीज के मरीज -

01. सफेद चावल : सफेद चावल में 89 ग्लाइसेमिक इंडेक्स होता है जो ब्लड में चीनी की मात्रा को काफी हद तक बढ़ा सकता है. इससे बने खाद्य पदार्थ जैसे- फ्राइड राइस, बिरयानी, पुलाव समेत अन्य व्यंजनों को डायबिटीज मरीज जितनी जल्दी छोड़ दें अच्छा होगा।

02. फ्रूट जूस या मिल्क शेक : इसके अलावा डिब्बाबंद फलों के जूस को भी नहीं पीने की सलाह दी जाती है. इसके बजाय ताजे फल खाने खाना चाहिए कुछ ऐसे ही सलाह मिल्क शेक पर भी लागू होती है. आंवले का मुरब्बा भी नुकसान दायक है।

03. मांस का सेवन : लाल मांस वसा में उच्च होता है. वहीं, प्रसंस्कृत मांस में ज्यादा मात्रा में सोडियम पायी जाती है. जो डायबिटीज मरीजों के लिए घातक हो सकता है. ये हृदय रोग का कारण भी बन सकते हैं.

04. फल का सेवन : कुछ फल रक्त शर्करा के स्तर को बढ़ा भी सकते है. जो डायबिटीज मरीजों के सेहत के लिए हानिकारक हो सकता है. आपको बता दें कि कई फलों में ग्लाइसेमिक इंडेक्स उच्च मात्रा में पायी जाती है. जैसे- आम तरबूज, चीकू, अनानास, केला, किशमिश

05. सब्जियां : कुछ सब्जियों में ज्यादा मात्रा में ग्लाइसेमिक इंडेक्स होता है, जिनसे मधुमेह मरीजों को परहेज करना चाहिए. जैसे - चुकंदर, शकरकद, हड़ाद आदि - आलू,

06. बेकरी उत्पाद : ज्यादा पके हुए फूड प्रोडक्ट, जैसे कि ब्रेड, बन्स, केक, बिस्कुट और कुकीज़ आमतौर पर सफेद आटे या मैदे से बने होते हैं. जिसका ग्लाइसेमिक इंडेक्स काफी हाई होता है.

07. फ्राई फूड्स : फ्राइड फूड जैसे फ्राइड फिश, मीट और फ्रेंच फ्राइज समेत अन्य में उच्च मात्रा में फैट, कैलोरी और कार्बोहाइड्रेट पाए जाते हैं. ये शरीर में ग्लूकोज लेवल को बढ़ाता है. जो हमारे डायबिटीज से लेकर हृदय स्वास्थ्य के लिए घातक हो सकता है.

08. फास्ट फूड : बर्गर, पिज्जा और फ्राइज़ जैसे फास्ट फूड व परांठे,कचोरी, चिप्स आदि में एक उच्च कैलोरी, उच्च वसा और उच्च कार्बोहाइड्रेट की मात्रा पाई जाती है. यह हमारे ब्लड में ग्लूकोज को बढ़ाने का सबसे बड़ा कारण हो सकता है.

09. डेयरी उत्पाद - डायबिटीज मरीजों को ज्यादा वसायुक्त पदार्थ का सेवन नहीं करना चाहिए, पनीर, सॉस, मीठा या फ्लेवर्ड दही, चॉकलेट, चीज, बहुत सारा क्रीम, मलाई, मुरब्बा आदि के सेवन करने से बचना चाहिए।

10. अल्कोहल : शराब या तो रक्त में ग्लूकोज की मात्रा बढ़ा देता है या बिल्कुल घटा देता है. दोनों ही स्थितियों में ये खतरनाक हो सकता है. अत: मधुमेह रोगियों को शराब को छोड़ने की सख्त सलाह दी जाती है.

11. चीनी, नमक : चीनी में कैलोरी, कार्बोहाइड्रेट, फैट और सोडियम की उच्च मात्रा होती है. जो मधुमेह की जटिलताओं को और बढ़ा सकती है. कुछ ऐसा ही होता है सफेद नमक में.

@साभार डाक्टर अरिंजय जैन

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