जैन समाज ने हर्षोल्लास से मनाया १६वें तीर्थंकर भगवान श्री शांतिनाथ के जन्म,तप ओर मोक्ष कल्याणक को

विराजित है नर्मदा नदी भूगर्भ से प्राप्त हजारों वर्ष प्राचीन शांतिनाथ भगवान की अतिशयकारी प्रतिमा

जैन समाज ने हर्षोल्लास से मनाया १६वें तीर्थंकर भगवान श्री शांतिनाथ के जन्म,तप ओर मोक्ष कल्याणक को

हरदा दिगम्बर जैन मंदिर में विराजित है नर्मदा नदी भूगर्भ से प्राप्त हजारों वर्ष प्राचीन शांतिनाथ भगवान की अतिशयकारी प्रतिमा 


लोकमतचक्र डॉट कॉम। 

हरदा।  सामाजिक कार्यक्रमों को उत्साह पूर्वक मनाने वाले दिगम्बर जैन समाज ने आज जैन धर्म के १६वें तीर्थंकर भगवान श्री शांतिनाथ जी का जन्म, तप ओर मोक्ष कल्याणक हर्षोल्लास से उत्साह ओर भक्ति के साथ मनाया । इस अवसर पर नगर के दिगम्बर जैन लाल मंदिर में विराजित नर्मदा नदी भूगर्भ से स्वप्न देकर २००वर्ष पूर्व अवतरित हुई सैकड़ों वर्ष प्राचीन कसौटी के पत्थर से निर्मित श्री शांतिनाथ भगवान की प्रतिमा पर विश्व शांति की कामना से ६४ रिद्धि-सिद्धि मंत्रों के साथ अभिषेक एवं शांतिधारा की गई।



आयोजन के बारे में जानकारी देते हुए जैन समाज के कोषाध्यक्ष राजीव रविन्द्र जैन ने बताया कि जैन समाज के १६वें तीर्थंकर श्री शांतिनाथ भगवान के तीनों कल्याण ज्येष्ठ वदी चौदस के शुभ दिन हुए है । चूंकि हरदा मंदिर में विराजमान प्रभु श्री शांतिनाथ जी की प्रतिमा को २००वर्ष भी वर्ष २०२३ में पूर्ण हुए है इसलिए आज के इस महत्वपूर्ण अवसर पर समाज के १६ परिवारों ने निर्वाण लाडू अर्पित किये ओर आयोजन को धूमधाम से मनाया । 

जैन समाज के अध्यक्ष सुरेन्द्र जैन ने बताया कि प्रात:काल विश्वशांति ओर समस्त प्राणियों की सुख की कामना को लेकर ६४ रिद्धि-सिद्धि मंत्रों के साथ अभिषेक एवं शांतिधारा की गई।  इसके पश्चात श्री शांतिनाथ भगवान की नित्य नियम पूजन कर सामूहिक रूप से निर्वाण लाडू अर्पित किया गया । महिला परिषद ने श्रीजी का पालना झूलाया गया । आज के आयोजन में प्रथम कलश का सौभाग्य चेतन लहरी परिवार, अभिज्ञान आलोक बड़जात्या परिवार को प्राप्त हुआ वही शांतिनाथ भगवान की शांति धारा का सौभाग्य श्रीमती वीणा यतींद्र अजमेरा परिवार, अभिषेक रपरिया परिवार, पूनमचंद अर्पित लहरी परिवार को प्राप्त हुआ। निर्वाण लाडू अर्पित करने का सौभाग्य महेंद्र संजय पाटनी परिवार को प्राप्त हुआ । इस अवसर पर मूलनायक शांतिनाथ भगवान को स्वर्णछत्र अर्पित करने का सौभाग्य श्रीमती रानी महेंद्र अजमेरा एवं श्रीमति शकुंतला राजा गंगवाल परिवार को प्राप्त हुआ । वहीं श्रीजी के प्रथम पालना झूलाने का सौभाग्य श्रीमती उषा रविंद्र रपरिया परिवार को प्राप्त हुआ ।

प्रात:काल से ही मंदिर जी में श्रद्धालुओं काफी संख्या में उपस्थिति रही। संध्याकाल मैं शांतिनाथ भगवान की भव्य आरती कि गई। आयोजन में रूपेश गंगवाल, मुकेश बकेबरिया, सचिन बकेबरिया, अजय कठनेरा, राजेन्द्र कठनेरा, विनीत जैन, संजय सिंघई, प्रदीप समैया, संजय बजाज, गौरव बाकलिबाल, राज आनंद रपरिया,  अनुलेखा सिंघई, संजय बाबूलाल कठनेरा, हर्षित मनोज जैन, मोना जैन, सुश्री तनुजा शाह, छविन्द्र बजाज, राजीव रपरिया, संजय पाटनी, सपन बजाज, विनोद अजमेरा, अजीत अजमेरा, अभिषेक बड़जात्या, भूपेश बजाज, अनूप बड़जात्या आदि उपस्थित रहे ।


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