बिजली बिल बकाया किसानों की जमीन की अब खरीदी-बिक्री, केवाइसी, सीमांकन और नामांकन तक नहीं होंगे, दस्तावेज को ऑनलाइन करेंगे लॉक

बिजली बिल बकाया किसानों की जमीन की अब खरीदी-बिक्री, केवाइसी, सीमांकन और नामांकन तक नहीं होंगे, दस्तावेज को ऑनलाइन करेंगे लॉक

बिजली बिल बकाया किसानों की जमीन की अब खरीदी-बिक्री, केवाइसी, सीमांकन और नामांकन तक नहीं होंगे, दस्तावेज को ऑनलाइन करेंगे लॉक


लोकमतचक्र डॉट कॉम। 

देवास। खेतों में सिंचाई करने के लिए किसानों ने बिजली कनेशन ले लिए लेकिन बिल जमा नहीं कर रहे हैं। इस तरह के किसानों से बकाया बिल कसूली के लिए बिजली कंपनी ने भू-राजस्व संहिता के तहत कार्यवाई करने की योजना तैयार कर ली है। इसके बकायादार किसानों की जमीन के दस्तावेज पर बकाया राशि का उल्लेख कर उसे ऑनलाइन लॉक करेगी ताकि किसान उनकी खरीदी-विक्री ना कर सके। यह ऑनलाइन लॉक तब हटेगा जब किसान उस बकाया राशि को जमा कर देगा। 

गौरतलब हो कि इससे पहले बिजली कंपनी ने वसूली के लिए एलटी लाइन पर ताले लगाए थे, जिससे की किसान बिजली का उपयोग नहीं कर पा रहे थे। जिन किसानों ने बकाया राशि जमा की थी उनकी बिजली चालू हो सकी थी।रबी सीजन फसल में किसान सिंचाई के लिए कनेक्शन लेते हैं, लेकिन राशि जमा नहीं करते। ऐसे किसानों की बिजली कंपनी ने सूची तैयार कर ली है। जिले में 8132 किसानों ने सिंचाई का बिजली बिल 14 करोड़ 9 लाख रुपए जमा नहीं किया है। इसकी वसूली के लिए अब इन किसानों के खेतों के दस्तावेज पर ऑनलाइन लॉक लगाने की प्रक्रिया जल्द ही शुरू होने वाली है। बिजली कंपनी अधिकारियों ने कार्रवाई का खाका तैयार कर लिया है, जिसके तहत जमीनों की सूची तैयार की जा रही है।

खसरा बी-वन नकल निकालने पर दिखेगा बकाया

बिजली कंपनी अधिकारियों ने बताया कि भू-राजस्व संहिता के तहत बिजली कंपनी वसूली करती है। इसमें चल व अचल संपत्ति की जब्ती-कुर्की की जाती है। अचल संपत्ति में जमीन आती है ऐसे में किसानों के सिंचाई बिल बकाया होने पर उन पर कार्रवाई की जाएगी। खसरा कालम 11 में उल्लेख किया जाएगा कि किसान पर बिजली कंपनी का बिल बकाया है। जब किसान नकल निकालेगा तो उस पर बकाया राशि लिखा हुआ आएगा। ऐसे में किसान जमीन की खरीदी-बिक्री नहीं कर सकेंगे, केवाइसी, सीमांकन और नामांकन तक नहीं होंगे। इस तरह से किसानों की जमीन पर ताले लग जाएंगे। किसान बकाया राशि जमा करेंगे वैसे ही सभी कार्य फिर से चालू हो जाएंगे।

539 उपभोक्ताओं के बैंक खाते किए सील...

जिले के 539 बिजली उपभोक्ताओं पर 1 करोड़ 47 लाख रुपए का बिल बकाया होने पर उनके बैंक खाते सील कर दिए हैं। सील करने की कार्रवाई से बचने के लिए 17 उपभोक्ताओं ने 87 हजार रुपए जमा भी कर दिए हैं। बिजली कंपनी किसी भी स्थिति में बकाया बिल वसूली करने में लगी है। पिछले एक महीने से संपत्ति कुर्की और जब्ती की कार्रवाई जिले भर में चल रही है। जिले में 2 लाख 31 हजार756 उपभोक्ता हैं।

कार्रवाई से बचने के लिए जमा करवाएं बिल...

किसान भाइयों जमीनों पर ताले लगाने वाली कार्रवाई से बचने के लिए समय पर बिजली के बिल जमा करवा दें। जिले में देवास ग्रामीण में 98 फीसदी, कन्नौद ब्लाक में 93 फीसदी, बागली ब्लाक में 92 फीसदी और सोनकच्छ में सबसे कम 76 फीसदी किसानों ने सिंचाई के बिल जमा किए हैं।- आरसी जैन, अधीक्षण यंत्री, बिजली कंपनी देवास

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