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सही जानकारी दें किसान : समर्थन मूल्य पर मूंग विक्रय के पंजीयन में फर्जी जानकारी को उजागर करेगी सैटेलाइट मैपिंग ...

सही जानकारी दें किसान : समर्थन मूल्य पर मूंग विक्रय के पंजीयन में फर्जी जानकारी को उजागर करेगी सैटेलाइट मैपिंग ...

प्रशासन ने पहले ही करवा ली है खसरावार सैटेलाइट मैपिंग 

सांकेतिक चित्र

लोकमतचक्र.कॉम।

हरदा - शासन की योजना में फर्जीवाड़ा कर लाभ लेने वाले ओर व्यापारियों का माल सोसायटियों को बेचने वालों की अब खैर नहीं है। पूर्व के कटु अनुभवों से सीख लेते हुए शासन ने ग्रीष्मकालीन फसलों की सेटेलाइट मैपिंग करवा ली है। जिसके चलते किसान मूंग व उड़द पंजीयन के समय फसल की वास्तविक जानकारी नहीं देंगे तो सेटेलाईट मैपिंग से उनका राज खुल जाएगा। किसानों के पंजीयन का सेटेलाईट मैपिंग से मिलान कर फसल ओर रकबे का सत्यापन किया जायेगा।

हरदा में मूंग व उड़द फसल के लिए किसान अब पंजीयन के समय ऑनलाइन एंट्री में वास्तविक फसल का ही जिक्र करे वरना सेटेलाइट मैपिंग सर्वे से वास्तविक फसल उत्पाद निकल सकता है । उपसंचालक कृषि विकास एवं किसान कल्याण श्री एम पी एस चंद्रावत ने जानकारी देते हुए बताया कि वर्ष 2020-21 (विपणन वर्ष 2021-22) मे भारत सरकार के मूल्य स्थिरीकरण कोष योजना अंतर्गत ई-उपार्जन पोर्टल पर ग्रीष्मकालीन फसल मूंग एवं उड़द के उपार्जन हेतु पंजीयन का शुभारंभ कर दिया गया है। उन्होंने बताया कि हरदा जिले में ग्रीष्म कालीन मूंग फसल के उपार्जन के संदर्भ में हरदा जिले को 50 पंजीयन केन्द्र की स्थापना हेतु ई-उपार्जन पोर्टल पर रिक्त स्थान प्रदान किया गया है, जिसके तारतम्य में 48 पंजीयन केन्द्र स्थापित किये जा चूके है, शेष 02 पंजीयन केन्द्र की स्थापना प्रक्रियाधीन है। 48 पंजीयन केन्द्रो पर आज सायं काल तक 231 कृषको ने मूंग उपार्जन हेतु 813 हेक्टयर रकबा पंजीकृत करा लिया गया है एवं प्रक्रिया निरंतर रहेगी। उन्होंने बताया कि वरिष्ठ कार्यालय से प्राप्त जानकारी अनुसार ग्रीष्म कालीन मूंग एवं उड़द के बोये गये रकबे का रिमोट सेंसिंग के माध्यम से मेप कास्ट से ग्रामवार सर्वे करा लिया गया है, जिसमें खसरावार जानकारी भी प्राप्त की जाना संभव है। 

● वास्तविक भूमि का ही करे पंजीयन वरना होगा नुकसान

कृषक बंधु उनके द्वारा बोये गये वास्तविक भूमि के रकबे का ही पंजीयन करावें, पंजीयन के पश्चात् ग्रामवार भौतिक रूप से सत्यापन एवं सर्वे कराया जायेगा। बोये गये मूंग के रकबे का सेटेलाईट द्वारा रिमोट सेंसिंग के माध्यम से सर्वे करा लिया गया है।     

◆ जिले के विकासखंड में कहां-कहां बने है सेंटर

हरदा विकासखण्ड में सेवा सहकारी समिति रूपीपरेटिया, सोनतलाई, अबगांवकला, बालागांव, छिदगांव, रेलवा, हंडिया, खेडा, मसनगांव, नांदरा, पलासनेर, सुखरास, अबगांवखुर्द, मांगरूल, नयापुरा, नकवाडा, बैडी, मोहनपुर, नकवाडा। इसी प्रकार खिरकिया विकासखण्ड में सेवा सहकारी समिति मांदला, मकडाई, रहटाकलां, महेन्द्रगांव, चारूवा, सोमगांवकला, जूनापानी तथा टिमरनी विकासखण्ड में सेवा सहकारी समिति पोखरनी, छिदगावंमेल, तजपुरा, बाजनियां, सोडलपुर, टेमागांव, आलमपुर, रवांग, राजाबरारी, झाडबीडा, मनियाखेडी आदि में ग्रीष्म कालीन मूंग उपार्जन हेतु पंजीयन कराये जा सकेगा।

◆ इन दस्तावेजों से होगा पंजीयन

उन्होने जिले के कृषकों से अनुरोध किया है कि आपके द्वारा बोई गई मूंग फसल के रकबे का पंजीयन ई-उपार्जन पोर्टल पर सेवा सहकारी समितियों में आवश्यक दस्तावेज यथा बैंक पास बुक की छायाप्रति, ऋण पुस्तिका, आधारकार्ड, समग्र आई.डी. एवं मोबाइल जिस पर ओ.टी.पी. प्राप्त होगा, को साथ लेकर जावे अथवा गेहूँ / चने के पंजीयन की छायाप्रति लेकर जावे, जिसमें आपसे संबंधित संपूर्ण जानकारी अंकित होगी ।

◆ मूंग व उड़द का समर्थन मूल्य केंद्रीय समिति ने बढ़ाया 

केंद्र सरकार ने 2021-22 के लिए कैबिनेट की बैठक में मूंग फसल पर 50% की बढ़ोतरी कर 7196 ₹ से बढकर 7275 ₹ किया वही उड़द फसल पर 65% बढ़ोतरी कर 6300 ₹ किया ।

1 टिप्पणी:

  1. कितनी मात्रा प्रति एकड़ खरीदी जावेगी स्पष्ट नहीं है।

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