पटवारी संघ के जिलाध्यक्ष विकास जोशी का कहना है कि लंबे समय से कैडर रिव्यू, समयमान वेतनमान, पदोन्नति, विभागीय परीक्षा का नियमित आयोजन, लंबित भत्तों का भुगतान तथा सेवा सुरक्षा सहित अन्य मांगों को लेकर शासन से लगातार चर्चा की जा रही है, लेकिन अब तक कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया। इसी कारण संगठन ने आंदोलन को और तेज करने का निर्णय लिया है।
हरदा जिले के हरदा, टिमरनी, खिरकिया, हंडिया, सिराली और रहटगांव सहित सभी तहसीलों के पटवारी आंदोलन में शामिल हैं। संघ पदाधिकारियों ने स्पष्ट किया कि यदि शासन शीघ्र सकारात्मक पहल नहीं करता है तो आगामी चरण में आंदोलन को और व्यापक बनाया जाएगा।
पटवारी संघ के पदाधिकारियों का कहना है कि उनका उद्देश्य जनता को असुविधा पहुंचाना नहीं, बल्कि शासन का ध्यान वर्षों से लंबित न्यायोचित मांगों की ओर आकर्षित करना है। उनका आरोप है कि बार-बार आश्वासन मिलने के बावजूद मांगों का निराकरण नहीं किया गया, जिससे कर्मचारियों में असंतोष बढ़ता जा रहा है।
आंदोलन के कारण नामांतरण, बंटवारा, राजस्व अभिलेखों का ऑनलाइन अद्यतन, फसल एवं भूमि संबंधी डिजिटल प्रविष्टियां तथा अन्य ऑनलाइन राजस्व सेवाओं की गति प्रभावित होने की संभावना है। पटवारी संघ ने शासन से शीघ्र वार्ता कर समाधान निकालने की मांग की है, ताकि आमजन और किसानों को होने वाली असुविधा से बचाया जा सके।