जानकारी के अनुसार, गौरव दुबे सोमवार सुबह से विभागीय अधिकारियों और कर्मचारियों का फोन रिसीव नहीं कर रहे थे। काफी देर तक संपर्क नहीं होने पर अधिकारियों को आशंका हुई और वे मिश्रा पैलेस पहुंचे। होटल के कमरे का दरवाजा अंदर से बंद था। सूचना मिलने पर सिटी कोतवाली थाना प्रभारी रोशनलाल भारती पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस की मौजूदगी में दरवाजा तोड़ा गया, जहां गौरव दुबे बाथरूम में मृत अवस्था में पड़े मिले।
पुलिस ने घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण कर साक्ष्य जुटाए और कमरे को सील कर दिया। मृतक के परिजनों को भोपाल में सूचना दे दी गई है। उनके हरदा पहुंचने के बाद पोस्टमार्टम कराया जाएगा, जिसके बाद ही मौत के वास्तविक कारणों का खुलासा हो सकेगा।
वेतन नहीं मिलने की चर्चा से जुड़ रहे सवाल
घटना के बाद विभागीय कर्मचारियों और इंजीनियरों के बीच शोक के साथ कई सवाल भी उठ रहे हैं। सहकर्मियों का कहना है कि पिछले चार माह से इंजीनियरों को वेतन नहीं मिला था। कर्मचारियों का यह भी दावा है कि गौरव दुबे के निधन के बाद उनके खाते में वेतन जमा हुआ। हालांकि, इस संबंध में प्रशासन की ओर से कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है।
कर्मचारियों के बीच यह चर्चा भी है कि वेतन संबंधी समस्याओं के चलते पूर्व में भी दो सब इंजीनियरों की मौत हो चुकी है। हालांकि, इन दावों की भी अब तक आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
जांच के बाद ही होगी स्थिति स्पष्ट
पुलिस का कहना है कि प्रथम दृष्टया किसी निष्कर्ष पर पहुंचना जल्दबाजी होगी। सभी संभावित पहलुओं को ध्यान में रखते हुए जांच की जा रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच के निष्कर्षों के आधार पर ही मौत के कारणों की आधिकारिक जानकारी सामने आएगी।गौरव दुबे की असामयिक मौत से जनपद पंचायत हरदा और टिमरनी के कर्मचारियों में शोक की लहर है।