महा चौपाल में एमएसपी की कानूनी गारंटी, मूंग खरीदी और किसानों के अधिकारों को लेकर उठी आवाज
हरदा। किसानों के अधिकारों और उनकी लंबित समस्याओं को लेकर शुक्रवार को हरदा की कृषि उपज मंडी में कांग्रेस द्वारा विशाल 'किसान महा चौपाल' का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी की मौजूदगी में किसानों के हितों से जुड़े मुद्दों पर सरकार को घेरा गया और हरदा से पूरे प्रदेश में 'हल्ला बोल' आंदोलन शुरू करने की घोषणा की गई।
महा चौपाल में किसान कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष धर्मेंद्र पाल, विधायक सुखदेव पांसे, विधायक आर.के. दोगने सहित कांग्रेस के वरिष्ठ नेता, पदाधिकारी एवं बड़ी संख्या में किसान शामिल हुए। सभा के दौरान किसानों ने फसल खरीदी, समर्थन मूल्य, कृषि उपज के उचित दाम और अन्य समस्याओं को प्रमुखता से उठाया।
सभा को संबोधित करते हुए प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने आरोप लगाया कि प्रदेश सरकार किसानों से किए गए वादों को पूरा करने में विफल रही है। उन्होंने कहा कि किसान अपनी जायज मांगों को लेकर आंदोलन करते हैं, लेकिन उनकी समस्याओं का समाधान करने के बजाय उन पर मुकदमे दर्ज किए जाते हैं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस किसानों के अधिकारों की लड़ाई लगातार लड़ती रहेगी और किसानों के सम्मान से कोई समझौता नहीं किया जाएगा।
जीतू पटवारी ने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि 3 अगस्त तक पुरानी व्यवस्था के तहत मूंग खरीदी शुरू नहीं की गई, तो कांग्रेस पूरे प्रदेश में मुख्यमंत्री के विरोध में व्यापक आंदोलन करेगी। उन्होंने यह भी घोषणा की कि वर्ष 2028 में कांग्रेस की सरकार बनने पर किसानों की फसलों की खरीद के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) की कानूनी गारंटी देने वाला कानून लागू किया जाएगा।
उन्होंने हरदा से कांग्रेस के प्रदेशव्यापी 'हल्ला बोल' आंदोलन की शुरुआत का ऐलान करते हुए कहा कि आने वाले दिनों में यह अभियान मध्य प्रदेश के सभी जिलों तक पहुंचाया जाएगा। कांग्रेस नेताओं ने कहा कि किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य, समय पर खरीदी और आर्थिक सुरक्षा दिलाने के लिए पार्टी संघर्ष जारी रखेगी।
कार्यक्रम में उपस्थित किसानों ने भी अपनी समस्याओं को खुलकर रखा और कृषि उपज की खरीदी, भुगतान तथा समर्थन मूल्य व्यवस्था को मजबूत करने की मांग की। महा चौपाल के माध्यम से कांग्रेस ने किसान हितों को लेकर सरकार पर दबाव बनाने और प्रदेशभर में आंदोलन तेज करने का संदेश दिया।