18 साल से पदोन्नति नहीं, 5 सूत्रीय मांगों पर उग्र हुआ पटवारियों का आंदोलन


प्रदेशभर में दूसरे चरण की शुरुआत, काली पट्टी बांधकर किया काम; तहसीलदारों के माध्यम से मुख्यमंत्री के नाम सौंपे ज्ञापन

चेतावनी : मांगें नहीं मानी गईं तो अगले चरण में शासकीय व्हाट्सएप ग्रुपों का होगा बहिष्कार, आंदोलन होगा और तेज

भोपाल । मध्यप्रदेश में वर्षों से लंबित पदोन्नति एवं अन्य मांगों को लेकर पटवारी संघ का आंदोलन अब निर्णायक दौर में पहुंचता दिखाई दे रहा है। तीन दिवसीय सामूहिक अवकाश के बाद रविवार से आंदोलन के दूसरे चरण की शुरुआत हो गई। प्रदेशभर के पटवारियों ने अपने-अपने तहसील मुख्यालयों में काली पट्टी बांधकर नियमित शासकीय कार्य किया और तहसीलदारों के माध्यम से मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपकर पांच सूत्रीय मांगों का शीघ्र निराकरण करने की मांग की।

मध्यप्रदेश पटवारी संघ कै प्रांतीय संवाद समिति अध्यक्ष राजीव जैन ने बताया कि वर्षों से संगठन शासन के समक्ष अपनी समस्याएं रखता आ रहा है, लेकिन आज तक कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया। संघ के अनुसार मुख्यमंत्री से पूर्व में हुई चर्चा के दौरान पटवारी महाधिवेशन आयोजित कर समस्याओं के समाधान का आश्वासन दिया गया था, लेकिन न तो महाधिवेशन की तिथि घोषित की गई और न ही लंबित मांगों पर कोई आदेश जारी हुए। इससे पूरे प्रदेश का पटवारी संवर्ग स्वयं को उपेक्षित महसूस कर रहा है।

18 वर्षों से नहीं हुई पदोन्नति

पटवारी संघ प्रदेश अध्यक्ष उपेन्द्र बघेल का कहना है कि प्रदेश में पिछले करीब 18 वर्षों से पटवारियों की पदोन्नति नहीं हुई है, जबकि अन्य विभागों में लगातार पदोन्नति के आदेश जारी किए जा रहे हैं। इससे पटवारियों में भारी असंतोष है। संघ की मांग है कि शासन स्तर पर लंबित कैडर रिव्यू को तत्काल लागू किया जाए तथा उसके लागू होने तक पात्र पटवारियों को पदोन्नति और पद के अनुरूप समयमान वेतनमान का लाभ दिया जाए।

दूसरे चरण में काली पट्टी बांधकर विरोध

आंदोलन के दूसरे चरण में प्रदेशभर के पटवारियों ने काली पट्टी बांधकर काम किया। साथ ही सभी तहसीलों में मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन देकर सरकार से शीघ्र निर्णय लेने की मांग की। संघ का कहना है कि यह विरोध पूरी तरह शांतिपूर्ण है, लेकिन यदि मांगों का समाधान नहीं हुआ तो आंदोलन को और व्यापक बनाया जाएगा।

ये हैं पटवारियों की प्रमुख मांगें

● कैडर रिव्यू लागू कर पदोन्नति एवं समयमान वेतनमान का लाभ दिया जाए।

● नायब तहसीलदार की विभागीय परीक्षा शीघ्र आयोजित की जाए।

● पटवारियों को भी जज प्रोटेक्शन एक्ट के दायरे में शामिल किया जाए।

● स्वामित्व योजना, कृषि संगणना, लघु सिंचाई संगणना, फार्मर आईडी सहित विभिन्न योजनाओं के वर्षों से लंबित मानदेय का तत्काल भुगतान किया जाए।

● पटवारी संघ के पदाधिकारियों के स्थानांतरण नीति के विरुद्ध किए गए तबादले निरस्त किए जाएं तथा कर्मचारियों की समस्याओं के समाधान के लिए नियमित परामर्शदात्री बैठकें आयोजित हों।

अगले चरण में व्हाट्सएप ग्रुपों का बहिष्कार

पटवारी संघ ने स्पष्ट किया है कि यदि सरकार ने शीघ्र सकारात्मक निर्णय नहीं लिया तो आंदोलन के अगले चरण में प्रदेशभर के पटवारी शासकीय व्हाट्सएप ग्रुपों का बहिष्कार करेंगे। आवश्यकता पड़ने पर शासकीय योजनाओं से जुड़े अतिरिक्त कार्यों का भी विरोध किया जाएगा।

सरकार से समाधान की उम्मीद

संघ ने मुख्यमंत्री से मांग की है कि पटवारी संघ के प्रतिनिधियों को चर्चा के लिए आमंत्रित कर वर्षों से लंबित समस्याओं का समाधान किया जाए। संघ का कहना है कि प्रदेश का समस्त पटवारी संवर्ग सरकार के सकारात्मक निर्णय की प्रतीक्षा कर रहा है। यदि शीघ्र समाधान नहीं हुआ तो चरणबद्ध आंदोलन और अधिक व्यापक एवं प्रभावी रूप में जारी रहेगा।

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