लाखों छात्रों के भरोसे और भविष्य पर चोट, मानसिक तनाव में युवा
प्रदर्शनकारी छात्रों ने हाथों में सरकार विरोधी बैनर और तख्तियां थाम रखी थीं। आंदोलन में शामिल छात्र आनंद जाट ने कहा कि कथित नीट पेपर लीक जैसी संवेदनशील घटनाओं ने देशभर के करोड़ों ईमानदार और मेहनती अभ्यर्थियों का भरोसा तोड़ दिया है। जब तक पूरी परीक्षा प्रणाली को शत-प्रतिशत सुरक्षित और पारदर्शी नहीं बनाया जाता, तब तक छात्रों के साथ न्याय नहीं हो सकता।
वहीं, जागृत धनगर ने सरकार को घेरते हुए कहा कि देश की इतनी महत्वपूर्ण और प्रतिष्ठित प्रतियोगी परीक्षा की विश्वसनीयता को बनाए रखना सीधे तौर पर सरकार की जिम्मेदारी है। इन अनियमितताओं के कारण सालों से दिन-रात मेहनत कर रहे छात्रों को भारी मानसिक तनाव का सामना करना पड़ रहा है, इसलिए इस पूरे मामले में उच्च स्तरीय जवाबदेही तय होनी चाहिए।
राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) को भंग करने की उठी मांग
प्रदर्शन के दौरान छात्र-छात्राओं ने एक सुर में राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाते हुए इसे तत्काल प्रभाव से भंग करने की मांग उठाई। प्रदर्शनकारियों का साफ तौर पर कहना था कि भविष्य में होने वाली सभी बड़ी प्रतियोगी परीक्षाएं किसी बाहरी एजेंसी के बजाय पूरी पारदर्शिता और जवाबदेही के साथ सीधे सरकार के नियंत्रण में आयोजित की जानी चाहिए। छात्रों ने चेतावनी भरे लहजे में कहा कि यदि परीक्षा व्यवस्था में जल्द ही आमूलचूल सुधार नहीं किया गया, तो आने वाले दिनों में इस आंदोलन को और अधिक उग्र व व्यापक बनाया जाएगा।
सुरक्षा के रहे पुख्ता इंतजाम
नीट मामले को लेकर छात्रों के लगातार हो रहे प्रदर्शनों को देखते हुए स्थानीय प्रशासन बेहद सतर्क नजर आया। चक्काजाम और हुल्लड़बाजी की आशंका के चलते प्रदर्शन स्थल और कलेक्ट्रेट परिसर के आसपास सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए थे। कार्यक्रम के दौरान भारी मात्रा में पुलिस बल तैनात रहा, जिससे छात्रों का यह प्रदर्शन पूरी तरह शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हो सका।