भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने 80वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर प्रदेशवासियों को संबोधित करते हुए मध्यप्रदेश के अगले 20 वर्षों के विकास का रोडमैप सामने रखा। उन्होंने किसान कल्याण, युवा रोजगार, उद्योग, स्वास्थ्य, महिला सशक्तीकरण, ऊर्जा, सुशासन और धार्मिक-सांस्कृतिक पर्यटन सहित विभिन्न क्षेत्रों में कई महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं। मुख्यमंत्री ने वर्ष 2026 को किसान कल्याण वर्ष और 2027 को युवा कल्याण वर्ष के रूप में समर्पित करने की बात कही। साथ ही प्रदेश में समान नागरिक संहिता लागू करने की घोषणा भी की।
‘न देरी, न दूरी’ के साथ जनविश्वास अभियान
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार ने 7 अगस्त से ‘मुख्यमंत्री जन विश्वास अभियान’ शुरू किया है। इसका उद्देश्य ‘न देरी, न दूरी’ के संकल्प के साथ जनसमस्याओं का त्वरित समाधान और जनता से सीधा संवाद स्थापित करना है। अभियान का पहला चरण 8 जनवरी 2027 तक चलेगा।
किसानों को भूमि अधिग्रहण पर चार गुना मुआवजा
कृषि भूमि के भू-अर्जन पर किसानों को चार गुना मुआवजा देने का निर्णय लिया गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि किसानों को खाद-बीज, बिजली, सिंचाई, समर्थन मूल्य पर उपार्जन, भावांतर, फसल बीमा, राहत और किसान सम्मान निधि जैसी योजनाओं का लाभ दिया जा रहा है। पिछले ढाई वर्षों में विभिन्न योजनाओं के माध्यम से किसानों के खातों में तीन लाख करोड़ रुपये से अधिक की राशि अंतरित किए जाने का दावा किया गया।
2027 होगा युवा कल्याण वर्ष
मुख्यमंत्री ने वर्ष 2027 को युवा कल्याण को समर्पित करने की घोषणा की। इसके तहत गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, कौशल विकास, उद्यमिता एवं स्वरोजगार, रोजगार, स्टार्टअप, खेल-कला-संस्कृति और नेतृत्व क्षमता विकास को सात प्रमुख स्तंभ बनाया गया है। अगले एक वर्ष में एक लाख से अधिक युवाओं को आईटीआई प्रशिक्षण देने तथा हर साल 10 हजार युवाओं को ग्लोबल स्किल पार्क में प्रशिक्षित करने का लक्ष्य रखा गया है।
12 हजार से अधिक स्टार्टअप, 100 नए इन्क्यूबेशन सेंटर
प्रदेश में स्टार्टअप की संख्या 12 हजार से अधिक करने और 100 नए इन्क्यूबेशन सेंटर स्थापित करने का लक्ष्य रखा गया है। ड्रोन, सेमीकंडक्टर, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, स्पेसटेक और ग्रीन मैन्युफैक्चरिंग जैसे नए क्षेत्रों में एमएसएमई की भागीदारी बढ़ाई जाएगी। प्रतियोगी परीक्षाओं से जुड़े न्यायालयीन मामलों के त्वरित निराकरण के लिए भोपाल, इंदौर, ग्वालियर और जबलपुर में चार फास्ट ट्रैक कोर्ट स्थापित किए जाएंगे।
2027 में फिर भोपाल में ग्लोबल इनवेस्टर्स समिट
औद्योगिक निवेश को बढ़ावा देने के लिए 2027 में भोपाल में फिर ग्लोबल इनवेस्टर्स समिट आयोजित की जाएगी। मुख्यमंत्री के अनुसार पिछले ढाई वर्षों में विभिन्न क्षेत्रों में 34 लाख करोड़ रुपये से अधिक के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं, जिनमें से 10 लाख करोड़ रुपये से अधिक के प्रस्ताव धरातल पर उतर चुके हैं।
55 जिलों को बनाया जाएगा निर्यात हब
प्रदेश के सभी 55 जिलों को निर्यात हब के रूप में विकसित करने का लक्ष्य रखा गया है। इसके लिए प्रत्येक जिले की निर्यात कार्ययोजना तैयार की जा रही है। ‘वोकल फॉर लोकल, लोकल गोज ग्लोबल’ के तहत मध्यप्रदेश के स्थानीय उत्पादों को अंतरराष्ट्रीय बाजार तक पहुंचाने पर जोर दिया जाएगा।
स्वास्थ्य सेवाएं होंगी पेपरलेस
स्वास्थ्य क्षेत्र में डिजिटल बदलाव के तहत 1 नवंबर 2026 से मरीजों की जांच प्रक्रिया को पेपरलेस करने की घोषणा की गई। मरीजों की जांच और स्वास्थ्य संबंधी जानकारी डिजिटल रूप में सुरक्षित रखी जाएगी। विशेषज्ञ डॉक्टरों का ऑनलाइन परामर्श भी उपलब्ध कराया जाएगा। डॉक्टरों की कमी दूर करने के लिए अगले छह माह में एक हजार अतिरिक्त डॉक्टरों की नियुक्ति की जाएगी।
भोपाल-इंदौर में मेट्रोपॉलिटन रीजन
भोपाल और इंदौर के सुनियोजित विकास के लिए मेट्रोपॉलिटन रीजन विकसित किए जाएंगे। इनमें बेहतर कनेक्टिविटी, लॉजिस्टिक्स और पर्यावरण अनुकूल आधारभूत सुविधाओं पर जोर रहेगा। भविष्य में जबलपुर और ग्वालियर को भी इसी तर्ज पर विकसित करने की योजना है।
ग्रीन एनर्जी की हिस्सेदारी 50 प्रतिशत करने का लक्ष्य
मध्यप्रदेश को नवीकरणीय ऊर्जा का पावर सेंटर बनाने की दिशा में काम किया जा रहा है। प्रदेश की विद्युत क्षमता में ग्रीन एनर्जी की हिस्सेदारी 30 प्रतिशत से बढ़ाकर 50 प्रतिशत करने का लक्ष्य है। प्रमुख शहरों में 550 से अधिक ई-बसों के संचालन की शुरुआत भोपाल और इंदौर से की गई है।
सिंहस्थ-2028 की तैयारियां तेज
उज्जैन सिंहस्थ-2028 की तैयारियां युद्धस्तर पर जारी हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि श्रद्धालुओं की आस्था को केंद्र में रखते हुए शिप्रा नदी के निर्मल जल और अन्य आवश्यक सुविधाओं के विकास पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
धार्मिक-सांस्कृतिक पर्यटन को मिलेगा विस्तार
भोजशाला में सरस्वती लोक और राजा भोज संस्थान की स्थापना की जाएगी। प्रदेश में 17 धार्मिक एवं सांस्कृतिक लोक विकसित किए जा रहे हैं। एकात्म धाम परिसर में 2400 करोड़ रुपये के विकास कार्य प्रगति पर होने की जानकारी मुख्यमंत्री ने दी।
पुलिस भर्ती और साइबर सुरक्षा पर जोर
मुख्यमंत्री के अनुसार पुलिस विभाग में पिछले ढाई वर्षों में 14,704 से अधिक अभ्यर्थियों का चयन किया जा चुका है, जबकि 9,751 अतिरिक्त पदों पर भर्ती प्रक्रिया जारी है। साइबर अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण और अनुसंधान के लिए अत्याधुनिक साइबर सिक्योरिटी रिसर्च सेंटर स्थापित करने की योजना है।
हर विधानसभा क्षेत्र में बनेगा स्टेडियम
खेल प्रतिभाओं को बढ़ावा देने के लिए मुख्यमंत्री युवा शक्ति योजना के तहत प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में एक-एक स्टेडियम बनाने का लक्ष्य रखा गया है। मुख्यमंत्री ने ग्लास्गो कॉमनवेल्थ गेम्स-2026 सहित अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में प्रदेश के खिलाड़ियों के प्रदर्शन का उल्लेख करते हुए पदक विजेताओं को बधाई दी।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि अगले 20 वर्षों में विकसित मध्यप्रदेश के निर्माण के लक्ष्य को हासिल करने के लिए सरकार और जनता को कंधे से कंधा मिलाकर आगे बढ़ना होगा। उन्होंने प्रदेश की विकास यात्रा को जनभागीदारी के साथ नई गति देने का आह्वान किया।