एक ही मामले से जुड़े प्रकरणों में दी थी विरोधाभासी रिपोर्ट, एसडीएम ने की कार्रवाई
ग्वालियर। नामांतरण से जुड़े अलग-अलग प्रकरणों में एक ही विषय पर विरोधाभासी जांच रिपोर्ट प्रस्तुत करना पटवारी को महंगा पड़ गया। मामले में अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) डबरा ने पटवारी राहुल आर्य को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है।
जानकारी के अनुसार राहुल आर्य पूर्व में हल्का क्रमांक 39 गैंडोलकलां, तहसील डबरा में पदस्थ थे। उनके द्वारा एक ही विषय से संबंधित पृथक नामांतरण प्रकरणों में दो अलग-अलग जांच रिपोर्ट प्रस्तुत की गईं। इनमें एक रिपोर्ट में प्रकरण के पक्ष में सकारात्मक रिपोर्ट दी गई, जबकि दूसरे प्रकरण में विपरीत यानी नकारात्मक रिपोर्ट प्रस्तुत की गई।
रिपोर्ट में विरोधाभास सामने आने के बाद राजस्व विभाग ने पटवारी को कारण बताओ नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण मांगा था। पटवारी की ओर से प्रस्तुत जवाब का परीक्षण करने के बाद अधिकारियों ने उसे संतोषजनक नहीं पाया।
एसडीएम द्वारा जारी आदेश में कहा गया है कि प्रथम दृष्टया पटवारी द्वारा अपने पदीय दायित्वों के निर्वहन में गलत जानकारी अंकित की गई, जो कर्तव्य के प्रति लापरवाही, उदासीनता और गंभीर चूक को दर्शाता है। इसे मध्यप्रदेश सिविल सेवा (आचरण) नियम, 1965 के नियम 3 के प्रावधानों का उल्लंघन माना गया है।
मामले में प्रथम दृष्टया दोषी पाए जाने पर पटवारी राहुल आर्य को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया। निलंबन अवधि के दौरान उनका मुख्यालय तहसील डबरा निर्धारित किया गया है। आदेश के अनुसार सक्षम अधिकारी की पूर्व अनुमति के बिना वे मुख्यालय नहीं छोड़ सकेंगे तथा उन्हें नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता दिया जाएगा।
राजस्व विभाग की इस कार्रवाई को नामांतरण जैसे महत्वपूर्ण मामलों में जांच प्रक्रिया की पारदर्शिता और अधिकारियों-कर्मचारियों की जवाबदेही सुनिश्चित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।