नगर पालिका ने चलाया विशेष स्वच्छता अभियान, परंपरागत पर्व पर नदी घाट पर जुटें शहरवासी
हरदा। भुजरिया पर्व के दौरान अजनाल नदी घाट पर बड़ी संख्या में नागरिकों के पहुंचने और भुजरियों का विसर्जन किए जाने को देखते हुए नगर पालिका परिषद ने घाट पर विशेष स्वच्छता अभियान चलाया। सफाई मित्रों ने सेवाभाव के साथ घाट और आसपास के क्षेत्र की सफाई कर पर्व के लिए व्यवस्थाओं को व्यवस्थित किया।
अभियान के दौरान नगर पालिका के सफाई मित्रों के साथ नगर स्वच्छता प्रभारी दरोगा एवं नरसिंह वार्ड क्रमांक-5 के प्रभारी दरोगा सहित स्वच्छता कार्य में लगे अधिकारी-कर्मचारियों ने जिम्मेदारी संभाली। नगर पालिका अध्यक्ष भारती कमेड़िया और सीएमओ रोशन बाथम के मार्गदर्शन में की गई इस व्यवस्था की उपस्थित नागरिकों ने सराहना की। नागरिकों ने सफाई मित्रों सहित अभियान में जुटे सभी अधिकारी-कर्मचारियों का आत्मीय आभार व्यक्त करते हुए साधुवाद दिया।
हरियाली, खुशहाली और भाईचारे का पर्व
भुजरिया, जिसे कई क्षेत्रों में भुजलिया या कजलिया भी कहा जाता है, मध्यप्रदेश के कई हिस्सों में मनाया जाने वाला पारंपरिक लोकपर्व है। इसमें घरों में गेहूं अथवा अन्य अनाज के अंकुर यानी भुजरियां तैयार की जाती हैं। इन्हें हरियाली, अच्छी वर्षा, बेहतर फसल और सुख-समृद्धि की कामना से जोड़ा जाता है। पर्व के अवसर पर लोग भुजरियां लेकर नदी, तालाब या अन्य जलस्रोतों तक पहुंचते हैं और परंपरा अनुसार पूजा-अर्चना के बाद विसर्जन करते हैं।
भुजरिया पर्व का सामाजिक महत्व भी खास है। इस अवसर पर लोग एक-दूसरे को भुजरियां भेंट कर शुभकामनाएं देते हैं, बड़ों का आशीर्वाद लेते हैं और आपसी प्रेम व भाईचारे को मजबूत करते हैं। कई स्थानों पर इसे पुराने गिले-शिकवे भुलाकर रिश्तों में मिठास बढ़ाने का पर्व भी माना जाता है।
अजनाल घाट पर निभाई गई परंपरा
हरदा में भी भुजरिया पर्व वर्षों से परंपरागत तरीके से मनाया जाता है। नागरिक अजनाल नदी घाट पर पहुंचकर ज्वारे/भुजरियों का विसर्जन करते हैं और पर्व की परंपरा निभाते हैं। इसी को देखते हुए नगर पालिका द्वारा घाट की सफाई कर नागरिकों के लिए स्वच्छ और व्यवस्थित वातावरण उपलब्ध कराने की पहल की गई थी । नगर पालिका के इस प्रयास से पर्व के दौरान घाट पर आने वाले नागरिकों को सुविधा मिलने के साथ स्वच्छता का संदेश भी गया।