मृतका के एक पुत्र ने खुद को बताया था एकमात्र वारिस, पति और दूसरे पुत्र ने की थी अपील
हरदा, 19 अगस्त। फौती नामांतरण के एक प्रकरण में गलत जानकारी और मिथ्या शपथ पत्र प्रस्तुत किए जाने के मामले में अनुविभागीय अधिकारी राजस्व हरदा अशोक कुमार डहेरिया ने तहसीलदार हरदा के आदेश को निरस्त कर दिया है। एसडीएम ने मामले में प्राथमिकी अथवा अन्य सुसंगत दंडात्मक प्रावधानों के तहत कार्रवाई के निर्देश भी दिए हैं।
प्रकरण के अनुसार ग्राम खेड़ीमेहमूदाबाद स्थित 870 वर्गफुट क्षेत्रफल का भूखंड खसरा नंबर 121/22 राजस्व अभिलेखों में सोमतीबाई पत्नी गजानंद विश्नोई के नाम दर्ज था। सोमतीबाई की मृत्यु 17 मार्च 2023 को होने के बाद उनके पुत्र अनिल ने स्वयं को मृतका का एकमात्र उत्तराधिकारी बताते हुए नामांतरण करा लिया था।
इसके बाद मृतका के पति गजानंद और पुत्र सुनील ने एसडीएम न्यायालय में अपील प्रस्तुत कर बताया कि वे भी मृतका के वैधानिक वारिस हैं। प्रकरण की सुनवाई के बाद एसडीएम अशोक कुमार डहेरिया ने तहसीलदार हरदा द्वारा पारित नामांतरण आदेश को निरस्त कर दिया।
एसडीएम ने मामले में मिथ्या शपथ पत्र और गलत जानकारी प्रस्तुत किए जाने को गंभीरता से लेते हुए संबंधित के विरुद्ध प्राथमिकी अथवा अन्य सुसंगत दंडात्मक प्रावधानों के तहत कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं।