इंदौर । जिले में आरआई, पटवारी और तहसीलदारों द्वारा किया जाने वाला सीमांकन अब निजी एजेंसियां करेगी। इसके लिए जिला प्रशासन वेंडर को अधिकृत तौर पर जोड़ेगा। प्रशासन निजी कंपनियों से प्रस्ताव बुलाएगा, फिर जिसके रेट सबसे कम होंगे, उसे जोड़ा जाएगा। अन्य एजेंसियां भी उस रेट पर काम करना चाहेंगी तो उन्हें भी शामिल किया जाएगा। इससे किसानों, जमीन मालिकों का जो सीमांकन करने में एक से डेढ़ महीना लगता था, वह काम 10 से 15 दिन में हो जाएगा।
कलेक्टर आशीष सिंह ने बताया कि इसके लिए अधिकारियों को जल्द टेंडर बुलाने के लिए कहा है। अभी राजस्व अमला, मशीनें नहीं होने, नहीं चलने या स्टाफ ज्यादा केस होने के बहाने करते थे, अब वे ऐसा नहीं कर पाएंगे। शनिवार को हुई राजस्व अधिकारियों की बैठक में सिंह ने इस संबंध में चर्चा की। राजस्व अमला ऐसी शिकायतें जिन्हें 50 दिन होने को हैं या हो गए हैं, उसके लिए विशेष कैंप लगाएं। मैदानी स्तर पर किसी भी तरह काम में कोताही बर्दाश्त नहीं होगी। अपर कलेक्टर, एसडीएम और तहसीलदारों से कलेक्टर ने कहा कि लोक सेवा गारंटी के प्रकरणों का समयावधि में निराकरण हो। बैठक में अपर कलेक्टर गौरव बैनल, रोशन राय सहित सभी राजस्व अधिकारी, एसडीएम, तहसीलदार, नायब तहसीलदार सहित अन्य राजस्व अधिकारी उपस्थित थे।