मुख्यमंत्री सहित नौ से अधिक मंत्रियों ने लिया भाग
मुख्यमंत्री के साथ हुई इस महत्वपूर्ण बैठक में भारतीय मजदूर संघ के अखिल भारतीय मंत्री रामनाथ गणेश एवं अरविंद मिश्रा, मध्य प्रदेश प्रदेश अध्यक्ष संजय सिंह, प्रदेश महामंत्री कुलदीप गुर्जर, उपमहामंत्री आशीष सिंह सहित अन्य प्रदेश पदाधिकारी तथा विभिन्न श्रमिक महासंघों के महामंत्री एवं प्रतिनिधियों ने भाग लिया। बैठक में BMS के लगभग 45 प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
मुख्यमंत्री के साथ दोनों उपमुख्यमंत्रियों, श्रम मंत्री सहित नौ से अधिक विभागों के मंत्रियों ने बैठक में पूर्ण समय तक भाग लिया। विभिन्न विभागों के मंत्रियों की उपस्थिति ने श्रमिक समस्याओं के समाधान के प्रति इस बैठक के महत्व को रेखांकित किया।
श्रमिकों की मांगों पर विस्तार से चर्चा
बैठक में विभिन्न श्रमिक संगठनों एवं महासंघों से संबंधित समस्याओं, कर्मचारियों की लंबित मांगों तथा विभिन्न क्षेत्रों में कार्यरत श्रमिकों को आ रही कठिनाइयों पर चर्चा की गई। प्रतिनिधियों ने अपने-अपने क्षेत्रों की समस्याओं को मुख्यमंत्री एवं संबंधित मंत्रियों के समक्ष रखा और उनके शीघ्र समाधान की आवश्यकता पर बल दिया।
मुख्यमंत्री ने श्रमिकों की समस्याओं को गंभीरता से सुनते हुए आश्वासन दिया कि इन विषयों पर संबंधित विभागों के साथ लगातार बैठकें आयोजित की जाएंगी। प्रत्येक विषय पर विचार-विमर्श कर समस्याओं के समाधान की दिशा में आवश्यक कदम उठाए जाएंगे। इसके लिए सरकार ने समय देने का आग्रह किया।
बैठक को BMS ने बताया आशावादी
भारतीय मजदूर संघ के मध्य प्रदेश प्रदेश अध्यक्ष संजय सिंह एवं प्रदेश महामंत्री कुलदीप गुर्जर ने बैठक को आशावादी एवं सकारात्मक बताते हुए कहा कि मुख्यमंत्री तथा मंत्रिमंडल के सदस्यों ने श्रमिकों की समस्याओं को गंभीरता से सुना और उनके समाधान के लिए निरंतर संवाद का भरोसा दिया। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि सरकार अपने आश्वासन के अनुरूप श्रमिकों की लंबित मांगों के निराकरण के लिए ठोस पहल करेगी।
दो माह के लिए स्थगित हुआ आंदोलन
मुख्यमंत्री द्वारा श्रमिक समस्याओं के समाधान के लिए समय मांगे जाने तथा संबंधित विभागों के साथ निरंतर बैठकें आयोजित करने का आश्वासन दिए जाने के बाद भारतीय मजदूर संघ ने 26 अक्टूबर को भोपाल में प्रस्तावित विशाल रैली एवं आंदोलन को दो माह के लिए स्थगित करने का निर्णय लिया।
BMS का यह निर्णय सरकार द्वारा दिए गए आश्वासन और समस्याओं के समाधान के लिए शुरू की गई सकारात्मक पहल को अवसर देने के उद्देश्य से लिया गया है। आगामी दो माह के दौरान संबंधित विभागों के साथ होने वाली बैठकों तथा मांगों के समाधान की प्रगति पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा।