आदिवासियों की जमीन की बिक्री और नामांतरण मामले मे पटवारी सहित 6 लोगो पर FIR हुई दर्ज, सभी आरोपी हुए फरार

आदिवासियों की जमीन की बिक्री और नामांतरण मामले मे पटवारी सहित 6 लोगो पर FIR हुई दर्ज, सभी आरोपी हुए फरार


नर्मदापुरम
। कलेक्टर व एक पूर्व कलेक्टर के फर्जी हस्ताक्षर ओर सील लगाकर बनाये गये 
आदेश से आदिवासियो की जमीन की बिक्री ओर नामांतरण के मामले में पुलिस ने जांच के बाद पटवारी सहित 6 लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया है। इस भामले का खुलासा 28 अक्टूबर को हुआ था। सिवनी मालवा के रजिस्ट्रार ने एसपी को मामले में कार्रवाई करने आवेदन दिया था। शिकायत के 52 दिन बाद पुलिस ने एक निलंबित पटवारी सहित जमीन क्रय-विक्रय करने वाले 5 लोगों के खिलाफ अपराध दर्ज किया है।

मध्यप्रदेश शासन नें प्रदेश में आदिवासी वर्ग अनुसूचित जनजाति के भूमिस्वामियों की भूमि को गैर आदिवासियों के पक्ष में विक्रय के लिये मध्यप्रदेश भू राजस्व संहिता की धारा 165 में प्रावधान किये हैं। जिसके अंतर्गत आदिवासी भूमिस्वामी को अपनी भूमि गैर आदिवासी को बेचनें के लिये कलेक्टर से विधिवत अनुमति प्राप्त करना होती है, एवं कलेक्टर की अनुमति के आधार पर ही पंजीयक के द्वारा आदिवासी वर्ग के भूमिस्वामियों की भूमि को किसी गैर आदिवासी व्यक्ति के पक्ष में विक्रयपत्र का पंजीयन किया जाता है।

परंतु तहसील सिवनी मालवा के ग्राम सीरूपुरा में तीन आदिवासी कृषकों की भूमि को गैर आदिवासियों के पक्ष में बिना कलेक्टर की अनुमति के विक्रय कर दिया गया। जिसका पंजीयन उप पंजीयक कार्यालय सिवनी मालवा में हुआ एवं तहसीलदार सिवनी मालवा के न्यायालय से भी क्रेताओं के पक्ष में नामांतरण भी कर दिया गया था। उल्लेखनीय है कि जिन दस्तावेजों के आधार पर भूमि के विक्रय का पंजीयन एवं नामांतरण हुआ है। वे पूर्णतः फर्जी एवं कूटरचित हैं, तथा फर्जी अनुमति पर कलेक्टर नर्मदापुरम के फर्जी हस्ताक्षर, फर्जी सील एवं अनुमति के प्रकरण क्रमांक एवं जावक क्रमांक भी फर्जी दर्शाये गये हैं।

कलेक्टर नर्मदापुरम सुश्री सोनिया मीना के संज्ञान में आनें पर कलेक्टर द्वारा इस कूटरचित एवं फर्जी दस्तावेज तैयार करनें एवं उसके आधार पर भूमि के विक्रय एवं नामांतरण के लिये दोषी व्यक्तियों के विरूद्ध विधिक आपराधिक कार्यवाही के लिये पुलिस अधीक्षक नर्मदापुरम को लिखा गया था। तथा उप पंजीयक सिवनी मालवा को भी आपराधिक कार्यवाही हेतु निर्देशित किया गया था। जानकारी के अनुसार इस तरह की तीन रजिस्ट्रीया हुई है । जिनमे एक रजिस्ट्री पूर्व कलेक्टर नीरज सिंह और दो रजिस्ट्री वर्तमान कलेक्टर सोनिया मीना के फर्जी हस्ताक्षर और फर्जी सील लगी हुई अनुमति से हुई है।

इस मामले मे पुलिस ने 52 दिन बाद भूमि बेंचवाल, खरीददार, सर्विस प्रोबाइडर ओर पटवारी पर एफ आई आर अपराध क्रमांक 794/24 धारा 420, 467, 468 और 471 भा द वि मे दर्ज किया है। जिसमे बेंचवाल पुष्पेंद्र पिता राजेंद्र बड़कुड़, श्रीमती मनाबाई पति राजेंद्र बड़कुड़, खरीददार प्रेरणा पति शिखर खंडेलवाल, सोनाली पति आनंद खंडेलवाल, अनुराग पिता नारायण प्रसाद जलखरे, सर्विस प्रोबाइडर आशुतोष पिता जगदीश गुर्जर एवं पटवारी नरेंद्र सोलंकी को आरोपी बनाया है। सभी आरोपी फरार है।
आरोपियों को मिल गई थी एफआईआर की जानकारी : पुलिस ने मामले में जांच के लिए लम्बा समय लिया। इस बीच जैसे ही बथाने में प्रकरण दर्ज हुआ तो आरोपी फरार हो गए। इस मामले की जांच और आरोपियों की गिरफ्तारी में देरी होने से जांच पर सवाल उठ रहे है।

थाना प्रभारी अनुप कुमार उइके ने बताया कि कलेक्टर के फर्जी हस्ताक्षर, फर्जी सील और फर्जी दस्तावेज के मामले मे 7 लोगो पर एफ आई आर दर्ज क्र प्रकरण बनाया है।म.प्र.भू. रा.के अनुसार कोई भी सामान्य व्यक्ति आदिवासी की भूमि बिना कलेक्टर की अनुमति के नही खरीद सकता है। इस मामले मे कलेक्टर के फर्जी हस्ताक्षर फर्जी सील और दस्तावेज बनाये गये है। हमने मामले मे लिप्त सभी सातो लोगो पर मामला दर्ज किया है। सभी आरोपी फरार है जिनकी जल्द ही गिरफ्तारी की जायेगी।

तीनों भूमियों का विवरण इस प्रकार है :

1- भूमि स्वामी पुष्पेंद्र सिंह बडकुड पिता राजेन्द्र सिंह बडकुड निवासी रेल्वे गेट के पास बानापुरा की भूमि खसरा नंबर 12 रकबा 4.465 हैक्टर में से 2.235 हैक्टर जिसे श्रीमती प्रेरणा खण्डेलवाल पत्नि शिखर खण्डेलवाल निवासी जैन मंदिर के पास सिवनी मालवा द्वारा क्रय की जाकर नामांतरण कराया गया है।

2- भूमि स्वामी पुष्पेंद्र सिंह बडकुड पिता राजेन्द्र सिंह बडकुड निवासी रेल्वे गेट के पास बानापुरा की भूमि खसरा नंबर 12 रकबा 4.465 हैक्टर में से 2.230 हैक्टर जिसे श्रीमती सोनाली खण्डेलवाल निवासी जैन मंदिर के पास सिवनी मालवा द्वारा क्रय की जाकर नामांतरण कराया गया है।

3- भूमि स्वामी श्रीमना बाई बडकुड पत्नि राजेन्द्र सिंह बडकुड निवासी रेल्वे गेट के पास बनापुरा की भूमि खसरा नंबर 38/2 रकबा 3.400 हैक्टर जिसे अनुराग जलखरे पिता नारायण प्रसाद जलखरे निवासी बानापुरा द्वारा क्रय की जाकर नामांतरण कराया गया है।

इनका कहना है -

इसकी सूचना पंजीयक कार्यालय से मिली थी। जिन जमीनो की रजिस्ट्री हुई है। उनकी अनुमति नही दी गयी है। कुट रचित दस्तावेज और फर्जी हस्ताक्षर के माध्यम से रजिस्ट्री की गयी है। साथ ही सिवनी मालवा मे बीते 10 साल के दौरान इस तरह की सभी रजिस्ट्रीयो की भी जांच हमारे द्वारा करायी जा रही है। - सोनिया मीना, कलेक्टर नर्मदापुरम।

जल्दी होगी गिरफ्तारी : कलेक्टर के फर्जी आदेश आदिवासी की जमीन सामान्य वर्ग के लोगों को विक्रय के मामले में क्षेत्र के पटवारी सहित 6 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया है। आरोपियों की तलाश की जा रही है। जांच में और भी जो नाम सामने आएंगे उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। यह अपराध जुलाई 2024 के पूर्व में घटित हुए हैं। - अनूप सिंह उईक, थाना प्रभारी सिवनी मालवा



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