ज्ञापन सौंपते समय भारतीय मजदूर संघ के जिला अध्यक्ष मुकेश धामन्दे, जिला मंत्री प्रबल पवार एवं आंगनवाड़ी कार्यकर्ता सहायिका संघ की जिला उपाध्यक्ष शोभा थाटे ने बताया कि वर्तमान में जिले में भीषण गर्मी और लू का प्रकोप लगातार बढ़ रहा है। तापमान 43 से 45 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचने से छोटे बच्चों के स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ने की आशंका बनी हुई है।
उन्होंने कहा कि 3 से 6 वर्ष तक के बच्चों का इस भीषण गर्मी में आंगनवाड़ी केन्द्रों तक आना खतरनाक साबित हो सकता है। गर्मी के कारण बच्चों में डिहाइड्रेशन, लू लगना, बुखार एवं अन्य मौसमी बीमारियों का खतरा बढ़ गया है। कई अभिभावकों द्वारा भी बच्चों को केन्द्र नहीं भेजने को लेकर चिंता व्यक्त की जा रही है।
पदाधिकारियों ने प्रशासन से मांग की कि जिले के समस्त आंगनवाड़ी केन्द्रों को 01 मई 2026 से 15 मई 2026 तक कुल 15 दिनों के लिए बंद घोषित किया जाए। उन्होंने सुझाव दिया कि इस अवधि में आंगनवाड़ी कार्यकर्ता एवं सहायिकाएं घर-घर जाकर पूरक पोषण आहार वितरण एवं गृह भ्रमण का कार्य जारी रख सकती हैं, ताकि बच्चों के पोषण पर किसी प्रकार का प्रभाव न पड़े।
ज्ञापन में जनहित एवं बालहित को ध्यान में रखते हुए शीघ्र उचित आदेश जारी करने की मांग की गई। इस दौरान रिंकू सोनी, रमाकांत नायडू, नीतू मालवीय, शिखा यादव, वंदना पाहुजा, मीना धनगर, शीला सरवरे सहित अन्य कार्यकर्ता उपस्थित रहीं।