जारी संदेश में कहा गया है कि किसान देश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ हैं और अपनी मेहनत से अन्न उत्पादन कर देश का पेट भरते हैं। इसके बावजूद आज भी अनेक किसानों को अपनी उपज का उचित मूल्य, समय पर संसाधन और समस्याओं का समाधान नहीं मिल पा रहा है। ऐसे में किसानों की आवाज को लोकतांत्रिक और शांतिपूर्ण तरीके से सरकार तक पहुंचाने के लिए भोपाल में एकजुट होने का आह्वान किया गया है।
संयुक्त किसान मोर्चा ने किसानों की प्रमुख मांगों में कृषि उपज का उचित मूल्य सुनिश्चित करने, सिंचाई, बिजली, बीज और खाद की समय पर उपलब्धता, किसानों की समस्याओं के त्वरित एवं न्यायपूर्ण समाधान तथा खेती को लाभ का सौदा बनाने की मांग शामिल की है।
संदेश में कहा गया है कि यह आंदोलन किसी के विरोध में नहीं, बल्कि किसानों के सम्मान, अधिकार और समृद्धि के लिए है। किसानों से अपील की गई है कि वे अधिक से अधिक संख्या में 27 जुलाई को भोपाल पहुंचकर किसान एकता का परिचय दें और अपनी मांगों को शांतिपूर्ण एवं लोकतांत्रिक ढंग से सरकार के समक्ष रखें।
किसान संगठनों का कहना है कि "जब खेत मुस्कुराएंगे, तभी देश आगे बढ़ेगा।" इसी संदेश के साथ किसानों से आंदोलन में भागीदारी सुनिश्चित करने का आग्रह किया गया है।