लोकायुक्त पुलिस के अनुसार, फरियादी पुलिया भूरिया (58) निवासी मोतापाड़ा मोहानपुरा, उप तहसील सांरगी, तहसील पेटलावद ने 24 जुलाई को इंदौर लोकायुक्त कार्यालय में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में बताया गया कि उसकी छह सर्वे नंबर की कृषि भूमि में से पांच सर्वे नंबर फार्मर आईडी में दर्ज हैं, जबकि एक सर्वे नंबर जोड़ने के लिए संबंधित पटवारी संजय अमलियार 2 हजार रुपए की रिश्वत मांग रहा था।
शिकायत का सत्यापन कराने पर रिश्वत मांगने की पुष्टि हुई। इसके बाद 30 जुलाई 2026 को लोकायुक्त पुलिस अधीक्षक रजोज़/रजत (एसपी) के मार्गदर्शन में निरीक्षक सचिन पटेरिया के नेतृत्व में ट्रैप दल का गठन किया गया। टीम ने सांरगी उप तहसील कार्यालय के मीटिंग हॉल में पटवारी संजय अमलियार को फरियादी से 2 हजार रुपए की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों पकड़ लिया। आरोपी के विरुद्ध भ्रष्टाचार निवारण (संशोधन) अधिनियम-2018 की धारा 7 के तहत प्रकरण दर्ज कर वैधानिक कार्रवाई की जा रही है।
ट्रैप कार्रवाई में निरीक्षक सचिन पटेरिया, प्रधान आरक्षक विजय कुमार, आरक्षक आशीष ननाऊ, चन्द्रमोहन चौहान तथा शैलेन्द्र सिंह चंदेल सहित लोकायुक्त की टीम शामिल रही। लोकायुक्त पुलिस ने आमजन से अपील की है कि यदि कोई शासकीय अधिकारी या कर्मचारी किसी कार्य के बदले रिश्वत की मांग करता है तो उसकी शिकायत लोकायुक्त कार्यालय में करें, ताकि भ्रष्टाचार के विरुद्ध प्रभावी कार्रवाई की जा सके।