प्रशिक्षण उपरांत कर्मचारियों को प्रमाण पत्र का वितरण किया गया
हरदा । प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश, हरदा के मार्गदर्शन में जिला न्यायालय परिसर, हरदा में 25 जुलाई तक न्यायालयीन अनुसचिवीय कर्मचारियों की कार्यकुशलता, दक्षता एवं न्यायालयीन कार्यों में गुणवत्ता वृद्धि के उद्देश्य से तीन दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। प्रशिक्षण कार्यक्रम के दौरान न्यायालयीन कार्यों से संबंधित विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों पर न्यायिक अधिकारियों द्वारा विस्तृत जानकारी प्रदान की गई तथा कर्मचारियों की व्यावहारिक एवं तकनीकी समस्याओं का समाधान भी किया गया।
प्रशिक्षण कार्यक्रम के प्रथम दिन प्रशिक्षणार्थियों को प्रस्तुतकार एवं निष्पादन लिपिक के कर्तव्यों एवं दायित्वों, नियम एवं आदेश (आपराधिक) एवं मध्यप्र्रदेश व्यवहार न्यायालय नियम, नियम एवं आदेश आपराधिक एवं समय प्रबंधन, साक्ष्य लेखन संबंधी समस्याएँ एवं उनके समाधान आदि विषयों से संबंधित विस्तृत जानकारी प्रदान की गई।
प्रशिक्षण कार्यक्रम के द्वितीय दिन प्रशिक्षणार्थियों को न्यायालयों के डिजिटलीकरण एवं तकनीकी दक्षता को ध्यान में रखते हुए कोर्ट इन्फॉर्मेशन सिस्टम तथा ओपन ऑफिस राइटर के प्रभावी उपयोग की जानकारी दी गई। प्रशिक्षणार्थियों को इन सॉफ्टवेयरों के व्यावहारिक उपयोग एवं न्यायालयीन कार्यों में इनके महत्व से अवगत कराया गया।
प्रशिक्षण कार्यक्रम के तृतीय दिन प्रशिक्षणार्थियों को न्यायालय के विभिन्न प्रशासनिक एवं अभिलेखीय अनुभागों से संबंधित कर्मचारियों के दायित्वों, नाजिर, सहायक नाजिर, सेल अमीन, मालखाना नाजिर के कर्तव्य, मध्यप्रदेश आचरण नियम एवं सेवा की शर्तों, सांख्यिकी लिपिक, कर्तव्यों, प्रतिलिपिकार एवं सहायक प्रतिलिपिकार के कर्तव्यों से जुड़ी जानकारी से अवगत कराया गया तथा अंत में रिकॉर्ड कीपर तथा लाईब्रेरियन के कार्यों एवं उत्तरदायित्वों की विस्तृत जानकारी प्रदान की गई।
प्रशिक्षण के दौरान कर्मचारियों ने विभिन्न विषयों पर अपने प्रश्न एवं जिज्ञासाएँ रखीं, जिनका न्यायिक अधिकारियों द्वारा विस्तारपूर्वक समाधान किया गया। प्रशिक्षण का उद्देश्य न्यायालयीन कर्मचारियों को अद्यतन नियमों, तकनीकी संसाधनों एवं प्रशासनिक प्रक्रियाओं से परिचित कराते हुए उनकी कार्यकुशलता में वृद्धि करना तथा न्यायालयीन कार्यों को अधिक प्रभावी, पारदर्शी एवं समयबद्ध बनाना रहा। प्रशिक्षण के संबंध में सुझाव प्राप्त किए गए तथा भविष्य में भी इस प्रकार के प्रशिक्षण कार्यक्रम नियमित रूप से आयोजित किए जाने की आवश्यकता पर बल दिया गया। प्रशिक्षण में सहभागिता करने वाले सभी न्यायालयीन कर्मचारियों ने इसे अत्यंत उपयोगी एवं ज्ञानवर्धक बताया। कार्यक्रम के समापन अवसर पर प्रतिभागियों को प्रमाण पत्र प्रदान कर उनका उत्सहवर्धन किया गया।