3 साल से पुलिस को चकमा दे रहा था धर्मू पटेल; गोपनीय सूचना मिलते ही टीम ने रातातलाई में घेरा डाला
हरदा के चर्चित अनिल माणिक हत्याकांड में पुलिस ने तीन साल से फरार चल रहे मुख्य आरोपी धर्मेंद्र उर्फ धर्मू पटेल को आखिरकार गिरफ्तार कर लिया। आरोपी पुलिस से बचने के लिए अपनी ससुराल में छिपकर रह रहा था। रविवार को गोपनीय सूचना मिलने के बाद हरदा पुलिस की SIT ने थाना हंडिया क्षेत्र के ग्राम रातातलाई में दबिश दी और आरोपी को गिरफ्तार कर लिया।
आरोपी की गिरफ्तारी पुलिस के लिए इसलिए भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है, क्योंकि जनवरी 2023 में हुए इस जघन्य हत्याकांड के बाद से धर्मू पटेल लगातार फरार था और पुलिस की गिरफ्त से बच रहा था।
ऐसे पहुंची पुलिस आरोपी तक
30 अगस्त को पुलिस को गोपनीय सूचना मिली कि टिमरनी थाने के अपराध क्रमांक 13/2023 का मुख्य आरोपी धर्मेंद्र उर्फ धर्मू पटेल गिरफ्तारी से बचने के लिए चुपचाप अपनी ससुराल में आकर रह रहा है। सूचना मिलते ही पुलिस अधिकारियों ने इसे गंभीरता से लिया और आरोपी को पकड़ने के लिए तत्काल SIT को सक्रिय किया।
प्रकरण की विवेचक और SIT प्रभारी SDOP टिमरनी आकांक्षा तलया के नेतृत्व में टीम ने संभावित ठिकाने की जानकारी जुटाई। इसके बाद पुलिस टीम ने थाना हंडिया के ग्राम रातातलाई पहुंचकर योजनाबद्ध तरीके से दबिश दी। पुलिस की कार्रवाई इतनी गोपनीय रखी गई कि आरोपी को संभलने का मौका नहीं मिला। टीम ने उसे मौके से गिरफ्तार कर लिया।
हत्या के बाद से फरारी, अब न्यायालय में पेशी
अनिल माणिक की हत्या के मामले में थाना टिमरनी में जनवरी 2023 में अपराध क्रमांक 13/2023 दर्ज किया गया था। प्रकरण में धारा 302, 201, 120-बी भादवि और अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम की धारा 3(2)(v) के तहत अपराध दर्ज किया गया था।
मामले में धर्मेंद्र उर्फ धर्मू पटेल को मुख्य आरोपी बताया गया है। वारदात के बाद से वह फरार चल रहा था। अब गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने आवश्यक वैधानिक कार्रवाई शुरू कर दी है। आरोपी को हरदा न्यायालय में पेश कर न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेजने की कार्रवाई की जा रही है।
35 से ज्यादा पुलिसकर्मियों की टीम ने संभाला मोर्चा
फरार आरोपी की गिरफ्तारी के लिए गठित SIT में जिले के तीन निरीक्षक स्तर के अधिकारी, पांच उप निरीक्षक, चार सहायक उप निरीक्षक, आठ प्रधान आरक्षक और 15 आरक्षक शामिल थे। टीम ने संभावित ठिकाने पर पहुंचकर समन्वित तरीके से कार्रवाई की।
इस पूरी कार्रवाई का नेतृत्व SDOP टिमरनी आकांक्षा तलया ने किया। उनके साथ निरीक्षक रामप्रसाद कवरेती, रोशनलाल भारती और निकिता विल्सन सहित पुलिस अधिकारी और जवान शामिल रहे।
इनकी रही अहम भूमिका
उप निरीक्षक प्रकाश सोलंकी, मानवेन्द्र भदौरिया, पुरुषोत्तम गौर, अशोक अहिरवार और अजय रघुवंशी, सहायक उप निरीक्षक हेरंब पांडेय, महेश टेकाम, जितेंद्र राजपूत, चंदन शाह और विनोद रघुवंशी ने कार्रवाई में भूमिका निभाई।
प्रधान आरक्षक तुषार धनगर, दीपक जाट, बुदेश जोठे, नितेन्द्र, हरिप्रसाद, हरिओम, नितेश, रत्नेश, शिवराम और निलेश के साथ आरक्षक शैलेंद्र, प्रदीप, मुकेश, वीरेंद्र, एकता, कल्पना, जया और सलोनी भी टीम में शामिल रहे। सैनिक जितेंद्र और कोर्ट मुंशी सुमेर सहित पुलिस टीम के अन्य अधिकारी-कर्मचारियों का भी सहयोग रहा।
पुलिस की इस कार्रवाई से लंबे समय से फरार चल रहे मुख्य आरोपी की गिरफ्तारी संभव हुई है। हरदा पुलिस का कहना है कि गंभीर एवं जघन्य अपराधों में फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए अभियान लगातार जारी रहेगा।