वहीं आग लगने से वाहन में रखी फॉगिंग मशीन, बैटरी सहित अन्य सामग्री जलकर पिघल गई।इससे लाखों रुपए का नुकसान हुआ है। घटना के बाद फॉगिंग मशीन की सुरक्षा, जांच, रखरखाव की लापरवाही उजागर हुई।
केमिकल की नली फटने से हादसा हुआ
एक सप्ताह से भी अधिक समय से शहर में मच्छरों के लिए फॉगिंग मशीन लगातार चल रही है।मच्छरों को भगाने के लिए धुएं वाले केमिकल की नली फटने से हादसा हुआ। तुरंत पानी का टैंकर भेजा।आग बुझाई गई।। फॉगिंग मशीन के रखरखाव पर भी सवाल खड़े हो गए हैं। सवाल उठता है कि व्यस्त बाजार में वाहन उतारने से पहले केमिकल लाइन, नली और मशीन की तकनीकी जांच क्यों नहीं की गई।राहत की बात यह रही कि हादसे में कोई हताहत नहीं हुआ। वहीं घटना की जानकारी लगते ही नगर परिषद के टैंकर से पानी डालकर आग पर काबू पाया गया। आग बुझाने में पूर्व पार्षद गिरीश घूरें ने नपाकर्मियों की मदद की।