हरदा से खंडवा होते हुए महाराष्ट्र को जोड़ने वाला यह मार्ग यातायात की दृष्टि से महत्वपूर्ण है। इस रास्ते से प्रतिदिन बड़ी संख्या में छोटे-बड़े वाहन गुजरते हैं। ऐसे में रेलवे ओवरब्रिज के निर्माण के दौरान सड़क की बदहाल स्थिति वाहन चालकों की परेशानी बढ़ा रही है। दोपहिया वाहन चालकों के लिए भी गड्ढों और बिखरी निर्माण सामग्री के बीच से निकलना चुनौतीपूर्ण बना हुआ है। थोड़ी सी चूक दुर्घटना का कारण बन सकती है।
निर्माण कार्य के बीच सड़क सुरक्षा की जिम्मेदारी किसकी?
निर्माण कार्य के दौरान यातायात को सुरक्षित और सुचारु बनाए रखना आवश्यक है। इसके लिए सड़क पर बने गड्ढों को भरने, बिखरी निर्माण सामग्री हटाने और वाहन चालकों को सुरक्षित रास्ता उपलब्ध कराने जैसे इंतजाम किए जाने चाहिए। लेकिन भिरंगी रेलवे गेट के पास सामने आ रहे हालात निर्माण कार्य से जुड़ी एजेंसियों और जिम्मेदार अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर रहे हैं।
स्थानीय स्तर पर सामने आए दृश्य सड़क की स्थिति की गंभीरता को उजागर करते हैं। ऐसे में सवाल उठता है कि क्या संबंधित विभाग किसी बड़े हादसे के बाद ही जागेंगे? क्या निर्माण कार्य पूरा होने तक वाहन चालकों को इसी जोखिम भरे रास्ते से गुजरना पड़ेगा?
हादसे से पहले जागेंगे जिम्मेदार?
भिरंगी रेलवे गेट के पास सड़क की स्थिति में सुधार, गड्ढों की मरम्मत और यातायात व्यवस्था को सुरक्षित बनाने के लिए संबंधित अधिकारियों को तत्काल ध्यान देने की जरूरत है। समय रहते आवश्यक इंतजाम नहीं किए गए तो यह लापरवाही किसी गंभीर दुर्घटना का कारण बन सकती है।
अब देखना यह है कि संबंधित विभाग इस समस्या पर कितनी जल्दी कार्रवाई करते हैं और वाहन चालकों को राहत मिल पाती है या नहीं।