जहर, मौत और बवाल: 80 साल के बुजुर्ग की मौत के बाद फूटा गुस्सा, थाने से हाईवे तक हंगामा, हेड कॉन्स्टेबल लाइन अटैच

जहर, मौत और बवाल: 80 साल के बुजुर्ग की मौत के बाद फूटा गुस्सा, थाने से हाईवे तक हंगामा, हेड कॉन्स्टेबल लाइन अटैच


हरदा। मध्यप्रदेश के हरदा जिले में पुलिस प्रताड़ना के आरोपों ने बड़ा बवाल खड़ा कर दिया। 80 वर्षीय बुजुर्ग की इलाज के दौरान मौत के बाद परिजन शव लेकर सीधे थाने पहुंच गए और जमकर प्रदर्शन किया। मामला इतना बढ़ा कि नाराज लोगों ने हाईवे जाम कर दिया। देर रात पुलिस विभाग को कार्रवाई करते हुए आरोपी हेड कॉन्स्टेबल को लाइन अटैच करना पड़ा।

“रुपये लेने के बाद भी करते रहे परेशान”

मामला हंडिया थाना क्षेत्र के ग्राम रेलवा का है। मृतक अजबसिंह कोरकू के परिवार का आरोप है कि थाने में पदस्थ हेड कॉन्स्टेबल कंचनसिंह राजपूत लगातार उन्हें प्रताड़ित कर रहा था। परिजनों का दावा है कि 25 हजार रुपये लेने के बावजूद पुलिसकर्मी दबाव बनाता रहा, जिससे परेशान होकर बुजुर्ग ने 1 मई को कीटनाशक पी लिया।

पहले जिला अस्पताल में इलाज चला, फिर हालत बिगड़ने पर उन्हें निजी अस्पताल और बाद में इंदौर रेफर किया गया। शनिवार देर रात इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई।

शव लेकर थाने पहुंचे, तीन घंटे तक घेराव

रविवार सुबह पोस्टमार्टम के बाद परिजन शव लेकर सीधे हंडिया थाने पहुंच गए। थाना परिसर में घंटों धरना चला। प्रदर्शन में स्थानीय विधायक डॉ. आरके दोगने, कांग्रेस जिलाध्यक्ष मोहन साई और एससी-एसटी संगठनों के पदाधिकारी भी शामिल हुए।

प्रदर्शनकारियों ने पुलिस प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि अधिकारियों ने पीड़ित परिवार की बात तक नहीं सुनी। विधायक ने प्रशासन को “संवेदनहीन” बताते हुए कहा कि अगर समय रहते संवाद होता तो मामला इतना नहीं बढ़ता।

मांगें नहीं मानीं तो हाईवे जाम

जब देर शाम तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई तो गुस्साए लोग हाईवे पर बैठ गए। सड़क जाम होने से वाहनों की लंबी कतार लग गई और यातायात बुरी तरह प्रभावित हुआ। मौके पर पहुंचे एएसपी अमित मिश्रा प्रदर्शनकारियों को समझाते रहे, लेकिन लोग आरोपी पुलिसकर्मी पर सख्त कार्रवाई की मांग पर अड़े रहे।

आधी रात को झुका प्रशासन

करीब आधी रात तक चले हंगामे के बाद आखिरकार पुलिस विभाग ने हेड कॉन्स्टेबल कंचनसिंह राजपूत को लाइन अटैच कर दिया। साथ ही प्रशासन ने तीन दिन के भीतर जांच पूरी कर कार्रवाई का आश्वासन दिया, तब जाकर प्रदर्शन खत्म हुआ।

इलाके में तनाव, पुलिस पर उठे सवाल

जिले में दो आदिवासीयों द्वारा पुलिस प्रताड़ना से त्रस्त हो जहर खा कर आत्महत्या करने के बाद पूरे इलाके में तनाव का माहौल है। बुजुर्ग की मौत ने पुलिस कार्यप्रणाली पर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। अब सबकी नजर प्रशासन की जांच और आगे होने वाली कार्रवाई पर टिकी है।

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