धरना स्थल पहुंचकर दिया समर्थन, मुख्यमंत्री व प्रमुख सचिव को पत्र लिखने का किया ऐलान
हरदा। मध्यप्रदेश पटवारी संघ के प्रदेशव्यापी आंदोलन के समर्थन में गुरुवार को क्षेत्र के विधायक आर.के. दोगने धरना स्थल पहुंचे और हड़ताली पटवारियों से मुलाकात कर उनकी मांगों को पूरी तरह न्यायोचित बताया। उन्होंने कहा कि प्रदेश के पटवारी वर्षों से शासन की योजनाओं को जमीनी स्तर पर सफलतापूर्वक क्रियान्वित करने का कार्य कर रहे हैं, लेकिन उन्हें उनके अधिकारों से वंचित रखा जा रहा है।
धरना स्थल पर पटवारियों को संबोधित करते हुए विधायक दोगने ने कहा कि प्रदेश में कई पटवारी पिछले 25 वर्षों से एक ही पद पर कार्यरत हैं, लेकिन आज तक उन्हें पदोन्नति का लाभ नहीं मिल पाया है। उन्होंने कहा कि यह सरकार की बड़ी विफलता है कि अपने ही बनाए नियमों के अनुसार कर्मचारियों को लाभ नहीं दे पा रही है। समय पर पदोन्नति नहीं मिलने से कर्मचारियों का मनोबल और कार्यक्षमता दोनों प्रभावित होते हैं।
उन्होंने कहा कि पटवारी मध्यप्रदेश शासन का ऐसा कर्मचारी है जो गांव-गांव तक शासन की योजनाओं को पहुंचाने और उन्हें मूर्त रूप देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। राजस्व कार्यों के साथ-साथ विभिन्न शासकीय योजनाओं के क्रियान्वयन में पटवारियों की अहम जिम्मेदारी रहती है। इसके बावजूद उन्हें पदोन्नति, कैडर रिव्यू तथा पद के अनुरूप समयमान वेतनमान का लाभ नहीं मिलना दुर्भाग्यपूर्ण है।
विधायक श्री दोगने ने भरोसा दिलाया कि वे मुख्यमंत्री एवं राजस्व विभाग के प्रमुख सचिव और संबंधित अधिकारियों को पत्र लिखकर पटवारियों की लंबित मांगों का शीघ्र समाधान कराने का आग्रह करेंगे। उन्होंने कहा कि सरकार को कर्मचारियों की समस्याओं के प्रति संवेदनशील होकर तत्काल निर्णय लेना चाहिए।
गौरतलब है कि मध्यप्रदेश पटवारी संघ के आह्वान पर प्रदेशभर के पटवारी पिछले चार दिनों से कलमबंद हड़ताल पर हैं। संघ की प्रमुख मांगों में पदोन्नति, कैडर रिव्यू तथा पद के अनुरूप समयमान वेतनमान लागू करना शामिल है। संघ का कहना है कि पिछले छह से सात वर्षों से सरकार लगातार आश्वासन देती आ रही है, लेकिन अब तक न तो कैडर रिव्यू किया गया और न ही पदोन्नति के आदेश जारी हुए हैं। इससे प्रदेशभर के पटवारियों में गहरा असंतोष व्याप्त है।
पटवारी संघ के प्रांतीय उपाध्यक्ष राजीव जैन का कहना है कि वर्तमान में प्रदेश के लगभग सभी विभागों में अधिकारियों एवं कर्मचारियों को पदोन्नति का लाभ मिल रहा है, जबकि पटवारी वर्ग इससे अब भी वंचित है। यही कारण है कि उन्हें अपने अधिकारों की मांग को लेकर आंदोलन का रास्ता अपनाना पड़ा है।
हड़ताल का असर अब आमजन और किसानों पर भी दिखाई देने लगा है। नामांतरण, बंटवारा, सीमांकन, फसल संबंधी दस्तावेज, राजस्व अभिलेखों में संशोधन सहित अनेक कार्य प्रभावित हो रहे हैं। किसानों और ग्रामीणों को अपने जरूरी कार्यों के लिए परेशान होना पड़ रहा है। इसके बावजूद अभी तक सरकार की ओर से कोई ठोस पहल सामने नहीं आई है।
पटवारी संघ ने सरकार से मांग की है कि शीघ्र कैडर रिव्यू, पदोन्नति एवं समयमान वेतनमान संबंधी आदेश जारी किए जाएं, ताकि पटवारी काम पर लौट सकें और आम जनता को राहत मिल सके।