हरदा। वैश्य समाज केवल व्यापार और आर्थिक गतिविधियों तक सीमित समाज नहीं है, बल्कि सेवा, सहयोग और सामाजिक समरसता की मिसाल है। समाज की एकजुटता जितनी मजबूत होगी, उतना ही समाज और देश आर्थिक एवं सामाजिक रूप से सशक्त बनेगा। हमें अपने अधिकारों के प्रति सजग रहते हुए समाजहित के लिए एकजुट होकर कार्य करना होगा। यह बात वैश्य महासम्मेलन मध्यप्रदेश के प्रदेश अध्यक्ष एवं पूर्व वेयरहाउसिंग कॉर्पोरेशन अध्यक्ष सुधीर अग्रवाल ने शनिवार को घोड़ाडोंगरी स्थित बालाजी मैरिज लॉन में आयोजित वैश्य महासम्मेलन के संभागीय अधिवेशन एवं प्रतिभा सम्मान समारोह को संबोधित करते हुए कही।
उक्त जानकारी देते हुए हरदा जिला प्रभारी राजीव जैन ने बताया कि इस अवसर पर उन्होंने कहा कि वैश्य समाज सदैव सभी समाजों को साथ लेकर चलने में विश्वास रखता है। यही कारण है कि वैश्य समाज को सामाजिक समरसता का प्रतीक माना जाता है। अपने सेवा भाव के माध्यम से समाज जरूरतमंदों की सहायता करने और उनकी आवश्यकताओं की पूर्ति में अपनी जिम्मेदारी निभाता रहा है।
अत्याचार नहीं करेंगे, लेकिन सहेंगे भी नहीं
प्रदेश अध्यक्ष सुधीर अग्रवाल ने संगठन की भूमिका पर प्रकाश डालते हुए कहा कि वैश्य महासम्मेलन का गठन समाज के हितों की रक्षा और समाजजनों की समस्याओं के निराकरण के लिए किया गया है। समाज के हितों की अनदेखी किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं की जाएगी। उन्होंने स्पष्ट कहा कि वैश्य समाज किसी पर अत्याचार करने में विश्वास नहीं रखता, लेकिन अपने समाज के किसी सदस्य के साथ होने वाले अत्याचार को सहन भी नहीं करेगा।
उन्होंने समाजजनों से आह्वान किया कि किसी भी सदस्य को परेशानी अथवा समस्या हो तो वह संकोच किए बिना संगठन के पदाधिकारियों को अपनी बात बताए। संगठन पूरी गंभीरता के साथ समस्या के निराकरण का प्रयास करेगा।
समाज के जनप्रतिनिधियों एवं मेधावी विद्यार्थियों का सम्मान
अधिवेशन का सबसे आकर्षक और प्रेरणादायी पक्ष समाज की मेधावी प्रतिभाओं का सम्मान रहा। कक्षा 10वीं एवं 12वीं में 90 प्रतिशत या उससे अधिक अंक प्राप्त करने वाले छात्र-छात्राओं को सम्मानित किया गया। इसके साथ ही UPSC, PSC, NEET, IIT सहित विभिन्न उच्च स्तरीय प्रतियोगी परीक्षाओं में उल्लेखनीय सफलता हासिल करने वाली प्रतिभाओं को भी सम्मानित किया गया। इसके साथ ही वैश्य समाज के जनप्रतिनिधियों का भी सम्मान किया गया ।
प्रतिभाओं के सम्मान के दौरान विद्यार्थियों और उनके अभिभावकों में उत्साह का माहौल रहा। आयोजकों ने कहा कि समाज की प्रतिभाओं को मंच और सम्मान देकर उन्हें आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित करना आयोजन का प्रमुख उद्देश्य है। ऐसी उपलब्धियां समाज के अन्य विद्यार्थियों के लिए भी प्रेरणा का काम करेंगी।
तीन जिलों से उमड़ी समाजजनों की भागीदारी
संभागीय अधिवेशन में बैतूल, हरदा और नर्मदापुरम जिलों की जिला एवं तहसील इकाइयों के पदाधिकारी और प्रतिनिधि शामिल हुए। महिला एवं युवा इकाइयों ने भी सक्रिय सहभागिता की। प्रदेश एवं संभाग स्तर के पदाधिकारियों के साथ विभिन्न तहसील क्षेत्रों से आए समाजजनों ने संगठन को मजबूत बनाने को लेकर विचार साझा किए।
हरदा जिले से भी विभिन्न तहसील इकाइयों के अध्यक्ष, प्रभारी, महिला एवं युवा इकाइयों के पदाधिकारी तथा प्रतिनिधि बड़ी संख्या में अधिवेशन में पहुंचे। जिला प्रभारी राजीव जैन ने बताया कि जिले की विभिन्न तहसील इकाइयों से प्रतिनिधियों ने सम्मेलन में सहभागिता की और संगठन की आगामी गतिविधियों पर चर्चा की।
युवाओं और महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने पर जोर
अधिवेशन में संगठन को जमीनी स्तर पर और मजबूत करने के साथ ही युवा शक्ति एवं महिला शक्ति की सक्रिय भागीदारी बढ़ाने पर विशेष जोर दिया गया। पदाधिकारियों ने कहा कि समाज की नई पीढ़ी को संगठन और सामाजिक गतिविधियों से जोड़ना समय की आवश्यकता है। युवाओं की ऊर्जा और महिलाओं की सक्रिय सहभागिता से सामाजिक सेवा एवं संगठनात्मक गतिविधियों को नई दिशा दी जा सकती है। बैठक में आगामी कार्यक्रमों, सामाजिक एकता, संगठन के विस्तार तथा समाजहित के विभिन्न कार्यों को लेकर भी मंथन किया गया।
ये रहे मौजूद
कार्यक्रम में वैश्य महासम्मेलन के प्रदेश अध्यक्ष सुधीर अग्रवाल, पूर्व विधायक निलय विनोद डागा,भगवानदास अग्रवाल, राजीव खंडेलवाल, विजय झांझरी, अजीत सेठी, नीरजा फौजदार, योगी खंडेलवाल, प्रदेश मंत्री आलोक गोयल, प्रदेश कार्यसमिति सदस्य केशव बंसल, जिलाध्यक्ष दीपक नेमा, महिला इकाई जिलाध्यक्ष रेणु जैन, महिला जिला प्रभारी उषा गोयल, जिला प्रभारी राजीव जैन, युवा इकाई संभागीय अध्यक्ष विक्रांत अग्रवाल, युवा इकाई प्रभारी अंशुल गोयल, सहित समाज के वरिष्ठ सदस्य अजय अग्रवाल, रमेश सादानी, वल्लभ तोषनीवाल, नरेंद्र राठी, सरिता अग्रवाल, धीरज अग्रवाल एवं रचित जैन उपस्थित रहे। टिमरनी से तहसील अध्यक्ष संदीप अग्रवाल, सौरभ जैन एवं उदित जैन तथा सिराली से तहसील अध्यक्ष लक्ष्मीनारायण अग्रवाल, रहटगांव से अवधेश केसरवानी सहित विभिन्न तहसील क्षेत्रों से आए पदाधिकारी एवं समाजजन भी कार्यक्रम में शामिल हुए।
अधिवेशन के माध्यम से वैश्य समाज ने सामाजिक एकता, सेवा, शिक्षा और संगठन को मजबूत करने का संदेश दिया। कार्यक्रम में प्रतिभाओं का सम्मान जहां नई पीढ़ी के लिए प्रेरणास्रोत बना, वहीं संगठनात्मक चर्चा ने समाजजनों को एकजुट होकर समाजहित में कार्य करने की दिशा प्रदान की।