हरदा। शासन की महत्वाकांक्षी योजना “स्वामित्व अधिकार अभिलेख निष्पादन एवं पंजीयन-2026” के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए हरदा जिले को पायलट जिले के रूप में चयनित किया गया है। योजना के माध्यम से भूमि स्वामियों के लिए अपनी संपत्ति के आधार पर बैंकिंग संस्थाओं से ऋण प्राप्त करना और अधिक आसान हो सकेगा। विशेष बात यह है कि स्वामित्व योजना के तहत तैयार अधिकार अभिलेखों का भूमि स्वामियों के पक्ष में निःशुल्क पंजीयन (रजिस्ट्री) कराया जाएगा।
योजना के प्रथम चरण में 7 से 9 सितंबर तक जिले की चयनित 10 ग्राम पंचायतों में विशेष कैंप आयोजित किए जाएंगे। पायलट के लिए चयनित ग्राम पंचायतों में तहसील हरदा की पिडगाँव एवं सिरकम्बा, तहसील हण्डिया की बेसवा एवं बागरूल, तहसील खिरकिया की कल्याखेड़ी, तहसील सिराली की लोलांगरा एवं बावड़िया, तहसील टिमरनी की निमाचा-खुर्द एवं गोंदागाँव-कला तथा तहसील रहटगाँव की धनपाड़ा शामिल हैं।
योजना के तहत पंजीयन प्रक्रिया को सरल और सुगम बनाया गया है। भूमि स्वामी एमपी ईसेवा मोबाइल एप के माध्यम से स्वयं पंजीयन कर सकेंगे। यदि आवेदक स्वयं पंजीयन करने में सक्षम नहीं है, तो संबंधित पटवारी द्वारा पंजीयन की प्रक्रिया पूरी की जा सकेगी।
पंजीयन से पहले भूमि स्वामी को भूलेख एप/पोर्टल के माध्यम से आधार ई-केवायसी एवं खसरा लिंक की प्रक्रिया पूर्ण करना अनिवार्य होगा। पटवारी द्वारा निष्पादित पंजीयन विलेखों का सत्यापन सारा एप के माध्यम से किया जाएगा, जबकि उप-पंजीयक अधिकारी (तहसीलदार/नायब तहसीलदार) द्वारा निष्पादित पंजीयन विलेखों का सत्यापन सम्पदा एप के माध्यम से कर पंजीयन किया जाएगा।
पायलट चरण की सफलता के बाद योजना का विस्तार जिले की शेष ग्राम पंचायतों में 17 सितंबर से किया जाएगा। योजना से ग्रामीण क्षेत्रों के भूमि स्वामियों को उनकी संपत्ति का विधिवत अधिकार अभिलेख उपलब्ध कराने के साथ ही भविष्य में बैंक ऋण प्राप्त करने में भी सुविधा मिलेगी।
योजना के सुचारू क्रियान्वयन के लिए जिला स्तरीय नोडल अधिकारी अपर कलेक्टर, हरदा रहेंगे, जबकि अनुभाग स्तर पर संबंधित अनुभाग के अनुविभागीय अधिकारी नोडल अधिकारी के रूप में कार्य करेंगे।