हरदा। गणेशोत्सव में पर्यावरण संरक्षण का संदेश देने के लिए मध्यप्रदेश जन अभियान परिषद ने रविवार को विशेष प्रशिक्षण शिविर आयोजित किया। इसमें परिषद के अंतर्गत संचालित MSW और BSW पाठ्यक्रम के विद्यार्थियों ने मिट्टी से गणेश प्रतिमा बनाने का प्रशिक्षण लिया। विद्यार्थियों ने खुद अपने हाथों से मिट्टी को आकार देकर गणेश प्रतिमा तैयार की और इको-फ्रेंडली गणेशोत्सव मनाने का संकल्प लिया।
‘माटी गणेश-सिद्ध गणेश’ अभियान के तहत हुए प्रशिक्षण में विद्यार्थियों को मिट्टी की प्रतिमा बनाने की पूरी प्रक्रिया समझाई गई। प्रशिक्षण का उद्देश्य विद्यार्थियों को पर्यावरण संरक्षण से जोड़ने के साथ समाज में भी मिट्टी की गणेश प्रतिमाओं के उपयोग के प्रति जागरूकता बढ़ाना रहा।
POP की मूर्तियों से नदी और जलीय जीवों को नुकसान
मध्यप्रदेश जन अभियान परिषद के ब्लॉक समन्वयक राकेश वर्मा ने कहा कि प्लास्टर ऑफ पेरिस (POP) की प्रतिमाओं के विसर्जन से नदियों और जल स्रोतों में प्रदूषण बढ़ता है। इससे जलीय जीवों को भी नुकसान पहुंचता है। उन्होंने विद्यार्थियों से अपील की कि वे इस गणेशोत्सव में मिट्टी की प्रतिमाएं स्थापित करें और अपने परिवार, मित्रों तथा आसपास के लोगों को भी इसके लिए प्रेरित करें।
उन्होंने बताया कि ‘माटी गणेश-सिद्ध गणेश’ अभियान मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में पर्यावरण संरक्षण के उद्देश्य से चलाया जा रहा है। प्रशिक्षण के बाद विद्यार्थियों ने अभियान के संदेश को जन-जन तक पहुंचाने का संकल्प लिया।
शिविर में जिला समन्वयक संदीप गौहर, ब्लॉक समन्वयक राकेश वर्मा, परामर्शदाता सुरेंद्र सिंह चौहान, दीनबंधु गौर, जया सकक्ले, राधेश्याम विश्वकर्मा, प्रेम गाठिया, नवांकुर संस्था के अशोक धनगर सहित विद्यार्थी और प्रस्फुटन समितियों के सदस्य मौजूद रहे।