पन्ना। वनभूमि पर अतिक्रमण की कोशिश को नाकाम करते हुए वन, राजस्व और पुलिस विभाग की संयुक्त टीम ने शासकीय कार्य में बाधा डालने और वनकर्मियों पर हमला करने के मामले में आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की है। घटना में छह वनकर्मी घायल हुए हैं। गिरफ्तार आरोपियों को विधिसम्मत कार्रवाई के बाद जेल भेज दिया गया है।
उत्तर वनमंडल पन्ना के वनमंडलाधिकारी कार्यालय से जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, अजयगढ़ वन परिक्षेत्र की बीट मझपतिया के कक्ष क्रमांक पी-213 में करीब 30 हेक्टेयर क्षेत्र में पौधरोपण प्रस्तावित है। ग्राम परेहा के कुछ निवासी उक्त भूमि पर अपने पूर्वजों के कब्जे का दावा करते हुए वन विभाग के पौधरोपण कार्य में बार-बार बाधा उत्पन्न कर रहे थे।
वन एवं राजस्व विभाग द्वारा संयुक्त सीमांकन कराया गया था, जिसमें संबंधित भूमि वनखंड की वनभूमि प्रमाणित हुई। यह क्षेत्र पिछले तीन वर्षों से पौधरोपण के लिए प्रस्तावित था। वर्ष 2026 में यहां पौधरोपण किया जाना था। विभाग के अनुसार, मौके पर वर्तमान में किसी का कब्जा अथवा कृषि नहीं है।
30 हजार पौधे लगाने का था लक्ष्य
संबंधित क्षेत्र में कुल 30 हजार पौधे लगाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया था। इनमें से 22 हजार पौधे पहले ही लगाए जा चुके थे, जबकि आठ हजार पौधों का रोपण शेष था। आरोप है कि ग्राम परेहा के गोकुल पटेल, उनके परिजनों और लड़कों द्वारा शेष पौधरोपण कार्य में बाधा उत्पन्न की जा रही थी। करीब सात हेक्टेयर क्षेत्र में अतिक्रमण का प्रयास भी किया जा रहा था। इससे पहले पौधरोपण क्षेत्र की फेंसिंग को भी क्षतिग्रस्त किया गया था, जिस पर प्राथमिकी दर्ज कराई जा चुकी थी।
टीम पहुंचते ही हमला, छह वनकर्मी घायल
18 अक्टूबर को क्षतिग्रस्त फेंसिंग की मरम्मत और शेष पौधों का रोपण कराने के लिए वन, राजस्व एवं पुलिस विभाग की संयुक्त टीम मौके पर पहुंची। प्रेस विज्ञप्ति के मुताबिक, वहां पहले से मौजूद पुरुषों और महिलाओं ने लाठी, डंडे, हंसिया जैसे धारदार हथियारों और पेट्रोल के साथ टीम का विरोध किया। टीम के पहुंचते ही आरोपियों ने बिना बात सुने सुनियोजित तरीके से हमला कर दिया।
हमले में एक वनकर्मी के सिर में गंभीर चोट आई, जबकि अन्य वनकर्मी भी घायल हुए। कुल छह वनकर्मियों को चोटें आईं। संयुक्त टीम ने स्थिति को नियंत्रित करते हुए आरोपियों को हिरासत में लिया। इसके बाद फेंसिंग की मरम्मत कराई गई और शेष आठ हजार पौधों का रोपण कार्य पूरा कराया गया।
शासकीय कार्य में बाधा डालने पर कार्रवाई
वन विभाग के अनुसार, शासकीय कार्य में बाधा डालने और वनकर्मियों पर हमला करने के मामले में आरोपियों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई करते हुए उन्हें जेल भेज दिया गया है। विभाग ने स्पष्ट किया कि शासकीय वनभूमि के संरक्षण और वनीकरण के लिए कार्रवाई जारी रहेगी। साथ ही आमजन से अपील की गई है कि किसी भी भूमि संबंधी दावे या आपत्ति के लिए कानून के तहत निर्धारित प्रक्रिया अपनाएं और विधि-विरुद्ध गतिविधियों से दूर रहें।