हरदा। शरद पूर्णिमा के पावन अवसर पर सोमवार को हरदा के खेड़ीपुरा स्थित श्री शांतिनाथ दिगंबर जैन मंदिर में परम पूज्य आचार्य भगवन 108 श्री विद्यासागर जी महाराज की 81वीं जन्म जयंती जैन समाज द्वारा हर्षोल्लास, श्रद्धा और भक्तिभाव के साथ मनाई गई। इस अवसर पर आचार्यश्री के प्रति अपनी अटूट श्रद्धा व्यक्त करते हुए समाजजनों ने उत्कृष्ट द्रव्यों से सामूहिक पूजन किया। धार्मिक आयोजन में समाज के गुरुभक्तों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता कर धर्मलाभ प्राप्त किया।
जन्म जयंती के अवसर पर मंदिर परिसर में भक्तिमय वातावरण रहा। श्रद्धालुओं ने विधि-विधान के साथ आचार्यश्री का पूजन-अर्चन कर उनके त्याग, तपस्या, संयम, करुणा और आध्यात्मिक जीवन का स्मरण किया। सामूहिक पूजन के दौरान उपस्थित समाजजनों ने गुरुवर के आदर्शों को अपने जीवन में आत्मसात करने का संकल्प लिया।
आचार्य श्री विद्यासागर जी महाराज का जीवन त्याग, तपस्या, अहिंसा और जीवदया की प्रेरणा देने वाला रहा है। उनके विचारों और आध्यात्मिक संदेशों ने देशभर में लाखों लोगों को धर्म, संस्कार और सदाचार के मार्ग पर चलने की प्रेरणा दी है। उनकी जन्म जयंती पर आयोजित धार्मिक कार्यक्रम के माध्यम से समाजजनों ने गुरुवर के प्रति अपनी श्रद्धा और कृतज्ञता व्यक्त की।
इस अवसर पर आचार्य भगवन 108 श्री समयसागर जी महाराज एवं गणिनी आर्यिका 105 श्री ज्ञानमती माताजी के जन्मदिवस के उपलक्ष्य में भी श्रद्धा व्यक्त की गई। आयोजन ने समाज में धार्मिक एकता, आपसी सद्भाव और गुरुभक्ति की भावना को और मजबूत किया।
जैन समाज के कोषाध्यक्ष राजीव जैन ने बताया कि आचार्यश्री की जन्म जयंती पर समाज के सभी गुरुभक्तों ने एकजुट होकर सामूहिक पूजन में भाग लिया। सभी ने श्रद्धापूर्वक पूजन-अर्चन कर गुरुवर के चरणों में श्रद्धा-सुमन अर्पित किए। उन्होंने कहा कि ऐसे धार्मिक आयोजन समाज में धर्म के प्रति आस्था, संस्कार और आध्यात्मिक चेतना को प्रगाढ़ करते हैं।