हरदा/टिमरनी। टिमरनी क्षेत्र के वरिष्ठ अधिवक्ता संजय उपाध्याय के घर संचालित कार्यालय में गुरुवार रात कथित रूप से कुछ युवकों ने पहुंचकर जमकर हंगामा किया और वहां मौजूद अधिवक्ताओं एवं कर्मचारियों के साथ मारपीट की। घटना में अधिवक्ता मयंक बोरसे को गंभीर चोटें आईं, जिनका उपचार जिला अस्पताल में कराया गया। पूरी घटना कार्यालय में लगे सीसीटीवी कैमरों में कैद होने की बात सामने आई है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार गुरुवार करीब 11 से 12 बजे के बीच अधिवक्ता संजय उपाध्याय के घर स्थित कार्यालय में उनके पुत्र अधिवक्ता शुभम उपाध्याय, अधिवक्ता मयंक बोरसे और कंप्यूटर ऑपरेटर वेदान्त पाल मौजूद थे। इसी दौरान कुछ युवक वहां पहुंचे और विवाद करते हुए मारपीट शुरू कर दी। आरोप है कि युवकों ने कार्यालय में रखी सामग्री को भी अस्त-व्यस्त कर दिया तथा बीच-बचाव करने पहुंचे लोगों के साथ भी झूमाझटकी और मारपीट की।
घटना के दौरान घर में महिलाएं भी मौजूद थीं। बताया जा रहा है कि उन्होंने बीच-बचाव का प्रयास किया, जिसके दौरान उनके साथ भी झूमाझटकी हुई। घटना से मौके पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
फरियादी अधिवक्ता शुभम उपाध्याय की शिकायत पर टिमरनी पुलिस ने विजय उर्फ कल्ली, शुभम, सुनील, सौरभ और ऋषभ सहित दो अन्य के खिलाफ विभिन्न धाराओं में प्रकरण दर्ज किया है। पुलिस द्वारा मामले की जांच की जा रही है। समाचार लिखे जाने तक आरोपी पुलिस की गिरफ्त से बाहर बताए गए हैं।
अधिवक्ता मयंक बोरसे के घायल होने के बाद उन्हें उपचार के लिए जिला अस्पताल ले जाया गया। घटना की जानकारी मिलते ही अधिवक्ता समुदाय में नाराजगी फैल गई। अधिवक्ता के घर में घुसकर कार्यालय में मारपीट और महिलाओं सहित बीच-बचाव करने वालों के साथ झूमाझटकी की घटना को लेकर वकील संघ में भारी रोष है। अधिवक्ताओं ने मामले में निष्पक्ष जांच और आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है।