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चार घाटों पर अलग-अलग पालियों में तैनात रहेंगे अधिकारी-कर्मचारी, शांतिपूर्ण विसर्जन और व्यवस्थाओं की निगरानी के निर्देश
हरदा। नवरात्रि के बाद दुर्गा प्रतिमाओं के विसर्जन को शांतिपूर्ण, सुरक्षित और व्यवस्थित ढंग से संपन्न कराने के लिए प्रशासन ने तैयारियां शुरू कर दी हैं। अनुविभागीय अधिकारी एवं दंडाधिकारी शैलेन्द्र कुमार बड़ोनिया ने राजस्व विभाग के अधिकारी-कर्मचारियों की अलग-अलग पालियों में ड्यूटी निर्धारित करते हुए आदेश जारी किया है। इसके तहत विसर्जन स्थलों पर व्यवस्थाओं की निगरानी और किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए कर्मचारियों को जिम्मेदारी सौंपी गई है।
जारी आदेश के अनुसार, 20 और 21 अक्टूबर 2026 को दुर्गा प्रतिमा विसर्जन के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए कर्मचारियों की ड्यूटी निर्धारित की गई है। विसर्जन कार्य को सुचारू रूप से संपन्न कराने के उद्देश्य से सुबह, दोपहर और रात की अलग-अलग पालियों में कर्मचारियों की तैनाती की गई है, ताकि निर्धारित समय पर व्यवस्थाओं का संचालन हो सके।
चार विसर्जन स्थलों पर रहेगी निगरानी
प्रशासन द्वारा रिद्धेश्वर घाट, नर्मदा मंदिर घाट, गंभीर घाट और करनपुरा घाट पर कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई गई है। आदेश में संबंधित स्थलों पर निर्धारित समय के अनुसार कर्मचारियों को उपस्थित रहकर व्यवस्थाओं की निगरानी करने के निर्देश दिए गए हैं। गंभीर घाट और करनपुरा घाट पर दुर्गा प्रतिमा विसर्जन का कार्य पूर्ण होने तक व्यवस्था बनाए रखने का उल्लेख भी आदेश में किया गया है।
लापरवाही पर होगी कार्रवाई
एसडीएम शैलेन्द्र कुमार बड़ोनिया ने आदेश में स्पष्ट किया है कि निर्धारित ड्यूटी के अनुसार कर्मचारियों को अपने तैनाती स्थल पर उपस्थित रहना होगा। सभी संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों को आपसी समन्वय के साथ जिम्मेदारी निभाने तथा विसर्जन के दौरान किसी भी प्रकार की अव्यवस्था नहीं होने देने के निर्देश दिए गए हैं। कर्मचारियों की उपस्थिति और कार्यों की निगरानी संबंधित अधिकारियों द्वारा की जाएगी। प्रशासन की इस पहल का उद्देश्य दुर्गा प्रतिमा विसर्जन को शांतिपूर्ण वातावरण में संपन्न कराना और श्रद्धालुओं को व्यवस्थित व्यवस्था उपलब्ध कराना है।