हरदा-टिमरनी से जुड़ रहे शराब तस्करी के तार! घटना के बाद टिमरनी की राधाबाई पुलिया स्थित शराब दुकान सील, ठेकेदार की भूमिका भी जांच के दायरे में
हरदा/खातेगांव। मध्यप्रदेश में अवैध शराब कारोबार और माफियाओं के बढ़ते हौसलों ने एक बार फिर कानून व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। देवास जिले के खातेगांव में अवैध शराब तस्करी रोकने पहुंचे थाना प्रभारी दिलीप पुरी की दर्दनाक मौत हो गई। रविवार देर रात करीब 1:30 बजे इंदौर-बैतूल हाईवे पर शराब से भरे आयशर वाहन ने उन्हें कुचल दिया। गंभीर रूप से घायल थाना प्रभारी को अस्पताल पहुंचाया गया, जहां करीब दो घंटे तक चले उपचार के दौरान उन्होंने दम तोड़ दिया।
टिमरनी की ओर से आ रहा था शराब से भरा वाहन
प्रारंभिक जानकारी और सूत्रों के मुताबिक, जिस आयशर वाहन से थाना प्रभारी को कुचला गया, उसमें अवैध शराब भरी हुई थी। बताया जा रहा है कि यह वाहन हरदा जिले के टिमरनी क्षेत्र की ओर से आ रहा था। घटना के बाद शराब तस्करी के तार हरदा जिले से जुड़ने की आशंका जताई जा रही है। मामले में एक शराब ठेकेदार की भूमिका भी जांच के दायरे में होने की चर्चा है।
टिमरनी में पुलिस की कार्रवाई, शराब दुकान सील
घटना के बाद टिमरनी क्षेत्र में भी पुलिस की कार्रवाई की जानकारी सामने आई है। सूत्रों के अनुसार, पुलिस ने टिमरनी क्षेत्र से कुछ लोगों को हिरासत में लिया है। वहीं राधाबाई पुलिया के पास स्थित शराब दुकान को सील किए जाने की जानकारी भी सामने आई है। अब जांच का विषय है कि आयशर वाहन में भरी शराब कहां से लाई गई थी, इसकी आपूर्ति किसे की जानी थी और इस पूरे नेटवर्क के पीछे कौन-कौन लोग शामिल हैं।
एक दिन पहले ही संभाला था एसपी का पदभार
घटना की सूचना मिलते ही देवास के नवागत पुलिस अधीक्षक आदित्य मिश्रा तड़के ही खातेगांव पहुंच गए। उल्लेखनीय है कि उन्होंने घटना से महज एक दिन पहले ही देवास एसपी का पदभार संभाला था। घटना के बाद पुलिस महकमे में शोक और आक्रोश का माहौल है।
माफियाओं के हौसले इतने बुलंद कैसे?
थाना प्रभारी दिलीप पुरी की शहादत ने प्रदेश की कानून व्यवस्था के सामने कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। आखिर अवैध शराब कारोबार करने वालों के हौसले इतने बुलंद कैसे हो गए कि कानून के रक्षक की जान लेने से भी पीछे नहीं हटे? क्या शराब तस्करी का नेटवर्क इतना मजबूत हो चुका है कि कार्रवाई करने वाले पुलिस अधिकारियों की जान तक खतरे में पड़ गई है?
अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि हरदा-टिमरनी से खातेगांव तक फैले कथित शराब तस्करी नेटवर्क की निष्पक्ष जांच होगी या मामला कुछ गिरफ्तारियों तक सीमित रह जाएगा? थाना प्रभारी दिलीप पुरी की शहादत को सच्ची श्रद्धांजलि तभी होगी, जब इस पूरे शराब तस्करी नेटवर्क का पर्दाफाश कर इसके पीछे शामिल सभी दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी।
हालांकि टिमरनी से शराब आने, ठेकेदार की भूमिका और हिरासत की जानकारी फिलहाल सूत्रों के हवाले से बताया गया है। अंतिम समाचार में पुलिस की आधिकारिक पुष्टि मिलने पर इन तथ्यों को अपडेट किया जायेगा।