पुरानी पेंशन बहाली से लेकर नियमितीकरण और वेतन विसंगतियां दूर करने की मांग, मुख्यमंत्री व मुख्य सचिव के नाम दिया ज्ञापन
हरदा | मध्य प्रदेश राज्य कर्मचारी संघ के प्रदेश आह्वान पर मंगलवार को अधिकारी-कर्मचारियों की लंबित एवं न्यायोचित मांगों को लेकर तहसील स्तर पर प्रदर्शन कर एसडीएम को मुख्यमंत्री और मुख्य सचिव के नाम 23 सूत्रीय ज्ञापन सौंपा गया। कर्मचारियों ने शासन से मांगों पर शीघ्र निर्णय लेकर समस्याओं का निराकरण करने की मांग की।
पुरानी पेंशन, महंगाई भत्ता और नियमितीकरण प्रमुख मांगें
ज्ञापन में कर्मचारियों ने पुरानी पेंशन योजना (OPS) वरिष्ठता के साथ पुनः लागू करने, ग्रेच्युटी की अधिकतम सीमा केंद्र के समान 25 लाख रुपए करने तथा केंद्र सरकार के समान तिथि से महंगाई भत्ता (DA/DR) देने की मांग की। शिक्षा एवं आदिम जाति कल्याण विभाग के नवीन शैक्षणिक संवर्ग की सेवा अवधि की गणना प्रथम नियुक्ति दिनांक से करने की मांग भी रखी गई।
संघ ने दैनिक वेतनभोगी, संविदा एवं स्थायी कर्मचारियों को रिक्त पदों के विरुद्ध नियमित करने, आउटसोर्स कर्मचारियों को शासकीय सेवक का दर्जा देने और स्थायी कर्मियों को सातवें वेतनमान का पूर्ण लाभ देने की मांग की। पंचायत सचिवों के पंचायत विभाग में संविलियन तथा नवीन नियुक्तियों में 70-80-90 प्रतिशत स्टाइपेंड व्यवस्था समाप्त करने की मांग भी ज्ञापन में शामिल है।
शिक्षक, स्वास्थ्यकर्मी और पटवारी संवर्ग की समस्याएं भी उठाईं
कर्मचारियों ने शिक्षकों को योग्यता एवं विषयवार वरिष्ठता के आधार पर पदोन्नति देने, स्वास्थ्य विभाग की वेतन विसंगतियां दूर करने तथा स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं के पदोन्नति पद बहाल करने की मांग की। आयुष विभाग के संविदा कर्मियों को प्रथम नियुक्ति दिनांक से वरिष्ठता और समयमान वेतनमान का लाभ देने तथा महिला एवं बाल विकास विभाग की संविदा पर्यवेक्षकों का नियमितीकरण करने की मांग भी की गई।
पटवारियों के संबंध में संघ ने वरिष्ठता के आधार पर पदोन्नति देने तथा समयमान वेतनमान की विसंगति दूर कर वर्ष 2016 से प्रथम समयमान 2800 ग्रेड पे पर निर्धारित करने की मांग की। योजनाओं के तहत रजिस्ट्री संबंधी कार्य कराने पर पटवारियों को आवश्यक मोबाइल, प्रिंटर, स्कैनर, ई-साइन सुविधा एवं कार्यालय उपलब्ध कराने के साथ अतिरिक्त मानदेय देने की मांग रखी गई।
वेतन आयोग के गठन और अनुकंपा नियुक्ति नियम सरल करने की मांग
विभिन्न विभागों की वेतन विसंगतियों के स्थायी निराकरण के लिए स्वतंत्र राज्य स्तरीय वेतन आयोग गठित करने, चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों को पदोन्नति के अवसर देने तथा पारिवारिक पेंशन की सेवा अर्हता 33 वर्ष से घटाकर 25 वर्ष करने की मांग की गई।
अनुकंपा नियुक्ति के नियमों को सरल करने, तीन वर्ष में CPCT परीक्षा की बाध्यता के कारण सेवा समाप्ति संबंधी आदेश निरस्त करने तथा परीक्षा उत्तीर्ण करने के बाद वेतनवृद्धि देने की मांग भी ज्ञापन में शामिल रही। साथ ही मुख्य सचिव स्तर की परामर्शदात्री समिति की बैठक तत्काल आयोजित करने की मांग की गई।
ज्ञापन सौंपते समय भारतीय मजदूर संघ जिला हरदा के जिला मंत्री प्रबल पवार, मध्य प्रदेश राज्य कर्मचारी संघ के ब्लॉक अध्यक्ष आनंद अग्रवाल, ब्लॉक सचिव पुरुषोत्तम राठौर, जिला प्रवक्ता पीयूष राठौड़, मयंक तिवारी, बलराम बघेल, पंकज मीणा, दुर्गा प्रसाद सोलंकी, सुभाष चौहान सहित अन्य अधिकारी-कर्मचारी मौजूद रहे।