बताया जा रहा है कि बातचीत के बाद 20 लाख रुपए में डील तय हुई, जिसमें 10 लाख रुपए एडवांस देने की बात सामने आई। इसी दौरान फरियादी आलोक सिन्हा ने 4 लाख रुपए ऑनलाइन ट्रांसफर किए। यह राशि CBN इंस्पेक्टर सिद्धार्थ श्रीवास्तव के रिश्तेदार संतोष कुमार सुमन के खाते में ट्रांसफर किए जाने की बात कही गई है।
इसके बाद फरियादी ने पूरे मामले की शिकायत पटना CBI से की। CBI ने जांच के बाद 10 सितंबर को प्रकरण दर्ज किया और देर शाम नीमच स्थित केंद्रीय नारकोटिक्स ब्यूरो कार्यालय परिसर में दबिश दी।
कार्रवाई के दौरान CBI टीम ने CBN इंस्पेक्टर सिद्धार्थ श्रीवास्तव को गिरफ्तार कर लिया। इसके बाद आज उन्हें न्यायालय में पेश किया गया, जहां CBI ने ट्रांजिट रिमांड की मांग की। न्यायालय ने 14 सितंबर तक ट्रांजिट रिमांड मंजूर किया है। अब पटना CBI की टीम आरोपी इंस्पेक्टर सिद्धार्थ श्रीवास्तव को अपने साथ पटना ले गई है।
पूरे मामले में अब CBI की पूछताछ के बाद कई अहम खुलासे होने की संभावना है। सबसे बड़ा सवाल यही है कि कथित रिश्वत के इस पूरे खेल में क्या सिर्फ इंस्पेक्टर सिद्धार्थ श्रीवास्तव ही शामिल थे या फिर CBN से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका भी सामने आएगी?फिलहाल पटना CBI की कार्रवाई के बाद नीमच CBN में हड़कंप की स्थिति है और अब सबकी नजर आगे होने वाली जांच और खुलासों पर टिकी है।