हरदा के जीपी मॉल में पार्किंग शुल्क को लेकर महिला अधिवक्ता ने खटखटाया उपभोक्ता आयोग का दरवाजा; मॉल प्रबंधन ने दावे को बताया अत्यधिक, अब फैसले पर टिकी निगाहें

हरदा के जीपी मॉल में पार्किंग शुल्क को लेकर महिला अधिवक्ता ने खटखटाया उपभोक्ता आयोग का दरवाजा; मॉल प्रबंधन ने दावे को बताया अत्यधिक, अब फैसले पर टिकी

हरदा। जीपी मॉल में वाहन खड़ा करने के लिए लिया जाने वाला 10 रुपए का पार्किंग शुल्क अब महज पार्किंग की पर्ची तक सीमित नहीं रहा, बल्कि मामला जिला उपभोक्ता आयोग तक पहुंच गया है। एक महिला अधिवक्ता ने मॉल प्रबंधन के खिलाफ उपभोक्ता शिकायत दर्ज कराते हुए कुल ₹1 लाख 35 हजार 110 रुपए की राहत और हर्जाने की मांग की है। मामले में मॉल प्रबंधन की ओर से इस दावे को अत्यधिक बताया गया है। अब असली सवाल यह है कि मॉल परिसर में पार्किंग शुल्क वसूलना उपभोक्ता अधिकारों के लिहाज से कितना उचित है?

10 रुपए की वसूली पर इतना बड़ा विवाद क्यों?

मामला इसलिए चर्चा में है क्योंकि शुरुआत महज 10 रुपए के पार्किंग शुल्क से हुई, लेकिन शिकायत में मांगी गई राहत और हर्जाने की राशि बढ़कर ₹1,35,110 तक पहुंच गई। शिकायतकर्ता का तर्क क्या है और पार्किंग शुल्क को लेकर कौन-कौन से अधिकार प्रभावित हुए हैं, इस पर आयोग में सुनवाई के दौरान स्थिति स्पष्ट होगी।

मॉल प्रबंधन ने शिकायत में की गई मांग को अत्यधिक बताया है। यानी अब उपभोक्ता आयोग के सामने केवल 10 रुपए की पार्किंग फीस का सवाल नहीं, बल्कि उससे जुड़े पूरे विवाद की वैधानिकता और दोनों पक्षों के तर्क महत्वपूर्ण होंगे।

मामला कोर्ट पहुंचते ही शहर में चर्चा तेज

जीपी मॉल हरदा के प्रमुख शॉपिंग स्थलों में शामिल है। ऐसे में पार्किंग शुल्क को लेकर उपभोक्ता आयोग में मामला पहुंचने के बाद शहर में भी इस बात की चर्चा शुरू हो गई है कि मॉल या व्यावसायिक परिसर में खरीदारी के लिए आने वाले ग्राहकों से पार्किंग शुल्क किस स्थिति में लिया जा सकता है और उसकी शर्तें क्या होनी चाहिए। मामला GP Mall से जुड़ा है, जो बस स्टैंड रोड क्षेत्र में स्थित है।

पहले भी उपभोक्ता फोरम पहुंच चुका है जीपी मॉल से जुड़ा मामला - दिलचस्प बात यह है कि जीपी मॉल से जुड़ा उपभोक्ता विवाद पहले भी सामने आ चुका है। वर्ष 2020 में एक ग्राहक से अतिरिक्त राशि वसूले जाने के मामले में उपभोक्ता फोरम के निर्णय की रिपोर्ट प्रकाशित हुई थी। ऐसे में वर्तमान पार्किंग शुल्क विवाद ने एक बार फिर मॉल और उपभोक्ता अधिकारों के बीच संबंध को चर्चा में ला दिया है।

अब आयोग के फैसले से तय होगी दिशा

फिलहाल मामला जिला उपभोक्ता आयोग के समक्ष है। शिकायतकर्ता की मांग और मॉल प्रबंधन के जवाब के बाद अब आयोग दोनों पक्षों के दस्तावेज, परिस्थितियां और संबंधित कानूनी प्रावधानों को देखते हुए निर्णय करेगा।

यानी 10 रुपए की पार्किंग पर्ची से शुरू हुआ विवाद अब ₹1.35 लाख के दावे तक पहुंच चुका है। फैसला आने के बाद यह साफ होगा कि इस मामले में उपभोक्ता की शिकायत कितनी उचित मानी जाती है और मॉल प्रबंधन की पार्किंग शुल्क व्यवस्था को आयोग किस नजर से देखता है।

सबसे बड़ा सवाल

  • पार्किंग की सुविधा के नाम पर ग्राहक से शुल्क लेना कहां तक जायज?
  • क्या पार्किंग शुल्क की स्पष्ट जानकारी ग्राहक को देना जरूरी है?
  • और क्या छोटी रकम की वसूली पर उपभोक्ता बड़ी राहत या हर्जाने की मांग कर सकता है?
  • इन सवालों के जवाब अब जिला उपभोक्ता आयोग के फैसले से सामने आएंगे।

Cookie Consent
We serve cookies on this site to analyze traffic, remember your preferences, and optimize your experience.
Oops!
It seems there is something wrong with your internet connection. Please connect to the internet and start browsing again.
AdBlock Detected!
We have detected that you are using adblocking plugin in your browser.
The revenue we earn by the advertisements is used to manage this website, we request you to whitelist our website in your adblocking plugin.
Site is Blocked
Sorry! This site is not available in your country.
NextGen Digital Welcome to WhatsApp chat
Howdy! How can we help you today?
Type here...