हरदा। वनाधिकार अधिनियम के तहत प्राप्त दावों के निराकरण में लापरवाही बरतने पर अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) शैलेन्द्र कुमार बड़ोनिया ने संबंधित पटवारी और पंचायत सचिवों को नोटिस जारी किए हैं। उन्होंने लंबित दावों के निराकरण में गंभीरता नहीं दिखाने पर नाराजगी जताते हुए सात दिन के भीतर नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।
जारी नोटिस के अनुसार, 16 अक्टूबर को जनपद पंचायत हरदा के सभाकक्ष में वनाधिकार अधिनियम के तहत प्राप्त दावों के निराकरण को लेकर समीक्षा बैठक आयोजित की गई थी। बैठक में कार्यालय को प्राप्त जानकारी के आधार पर संबंधित हल्का और ग्राम पंचायतों में लंबित दावों के संबंध में संतोषजनक एवं समाधानकारक प्रतिवेदन प्रस्तुत नहीं किए जाने की बात सामने आई। इसे एसडीएम ने गंभीरता से लेते हुए संबंधित कर्मचारियों से जवाब तलब किया है।
31 अक्टूबर तक निराकरण का लक्ष्य
नोटिस में उल्लेख किया गया है कि आदिम जाति कल्याण विभाग की ओर से वनाधिकार पट्टों के वितरण के संबंध में तीन बार प्रशिक्षण दिया जा चुका है। इसके बावजूद शासन की महत्वाकांक्षी जनकल्याणकारी योजनाओं में शामिल वनाधिकार दावों के निराकरण में अपेक्षित प्रगति नहीं होने पर प्रशासन ने सख्ती दिखाई है। शासन स्तर से खंड स्तरीय समिति एवं जिला स्तरीय समिति के समक्ष प्रतिवेदन प्रस्तुत करने के लिए 31 अक्टूबर 2026 तक की समय-सीमा निर्धारित की गई है।
सात दिन में कार्रवाई कर प्रस्तुत करनी होगी रिपोर्ट
एसडीएम शैलेन्द्र कुमार बड़ोनिया ने संबंधित कर्मचारियों को निर्देशित किया है कि वे सात दिन के भीतर लंबित दावों के निराकरण के लिए नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित करें। पात्र प्रकरणों में आवश्यक प्रक्रिया पूरी की जाए तथा अन्य प्रकरणों में नियमानुसार कार्रवाई कर प्रतिवेदन प्रस्तुत किया जाए। नोटिस में स्पष्ट किया गया है कि इस कार्य की संपूर्ण जिम्मेदारी संबंधित कर्मचारियों की होगी।