आंदोलन के दौरान किसानों ने हाईवे पर टेंट, तिरपाल और छतरियां लगाकर दिन-रात धरना दिया। तेज धूप और गर्मी के बावजूद बड़ी संख्या में किसान डटे रहे। चक्का जाम के कारण राष्ट्रीय राजमार्ग के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं और कई यात्रियों को पैदल अपने गंतव्य तक जाना पड़ा। स्थिति को देखते हुए प्रशासन ने मौके पर भारी पुलिस बल तैनात किया था।
किसानों की मुख्य मांग थी कि सरकार समर्थन मूल्य पर मूंग खरीदी की सीमा बढ़ाए। किसानों का आरोप है कि वर्तमान में प्रति एकड़ केवल 1 क्विंटल 20 किलोग्राम मूंग की खरीदी की जा रही है, जबकि वास्तविक उत्पादन इससे कई गुना अधिक होता है। किसानों ने कम से कम 5 क्विंटल प्रति एकड़ मूंग खरीदी सुनिश्चित करने की मांग उठाई।
किसानों का कहना था कि उन्होंने पहले भी ज्ञापन और प्रदर्शन के माध्यम से सरकार तक अपनी बात पहुंचाने का प्रयास किया, लेकिन कोई ठोस निर्णय नहीं होने के कारण उन्हें राष्ट्रीय राजमार्ग पर उतरकर आंदोलन करना पड़ा।
*देर रात बनी सहमति*
देर रात एसडीएम अशोक डेहरिया कलेक्टर की ओर से धरना स्थल पर पहुंचे और किसान प्रतिनिधिमंडल से चर्चा की। बैठक में किसानों की मुख्यमंत्री से मुलाकात कराने पर सहमति बनी। प्रशासन के इस आश्वासन के बाद किसान नेताओं ने आंदोलन समाप्त करने की घोषणा कर दी और राष्ट्रीय राजमार्ग से धरना हटाया गया, जिससे यातायात भी सुचारु रूप से शुरू हो गया।