ज्ञापन में बताया गया कि अस्पताल चौराहे से रेलवे स्टेशन, थाना चौक, घंटाघर, बस स्टैंड, मंडी रोड और नेहरू स्टेडियम रोड सहित शहर की अधिकांश सड़कें बड़े-बड़े गड्ढों में तब्दील हो गई हैं। बारिश के कारण इनमें पानी भरने से दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ गया है।
श्री जैन ने कहा कि खराब सड़कों के कारण स्कूली बच्चे, महिलाएं और बुजुर्ग सबसे अधिक परेशान हैं। दोपहिया वाहन चालक आए दिन हादसों का शिकार हो रहे हैं। एंबुलेंस और फायर ब्रिगेड जैसे आपातकालीन वाहनों की आवाजाही भी प्रभावित हो रही है। सावन में कांवड़ यात्रा और अन्य धार्मिक आयोजनों में भी दिक्कतें आ रही हैं।
ज्ञापन में सुप्रीम कोर्ट की सिविल रिट याचिका क्रमांक 295/2012 तथा मध्यप्रदेश नगर पालिका अधिनियम, 1961 की धारा 123 का हवाला देते हुए गड्ढामुक्त सड़क उपलब्ध कराना शासन की जिम्मेदारी बताया गया है।
विधायक प्रतिनिधि ने तीन मांगें रखीं। इनमें नगर पालिका और लोक निर्माण विभाग (PWD) की संयुक्त टीम से सड़कों का सर्वे, सभी गड्ढों की गुणवत्तापूर्ण व स्थायी मरम्मत तथा कार्य पूरा होने के बाद फोटो सहित सार्वजनिक रिपोर्ट जारी करना शामिल है।
उन्होंने कहा कि यदि 8 दिन के भीतर काम शुरू नहीं हुआ तो जनता के साथ शांतिपूर्ण जन आंदोलन किया जाएगा, जिसकी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।

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