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रावण पटवारी 30 हजार रुपये की रिश्वत लेते लोकायुक्त के हत्थे चढ़ा

विदिशा। फौती प्रकरण में वारिसों के नाम दर्ज करने, बंटवारा और नामांतरण की प्रक्रिया पूरी करने के एवज में 30 हजार रुपये की रिश्वत मांगने वाले नटेरन तहसील के पटवारी संदीप यादव को लोकायुक्त भोपाल की टीम ने रंगे हाथों गिरफ्तार किया। कार्रवाई तहसील परिसर स्थित पटवारी कार्यालय में की गई।

जानकारी के अनुसार, विदिशा निवासी प्रमेन्द्र धाकड़ ने 6 जुलाई 2026 को लोकायुक्त पुलिस अधीक्षक कार्यालय, भोपाल में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में बताया गया कि रावण हल्का के पटवारी संदीप यादव राजस्व संबंधी कार्य करने के बदले 30 हजार रुपये की रिश्वत मांग रहे हैं और राशि नहीं देने पर प्रकरण लंबित रखा जा रहा है।

शिकायत मिलने के बाद लोकायुक्त ने उसका सत्यापन कराया। जांच में रिश्वत मांगने की पुष्टि होने पर प्रभारी पुलिस अधीक्षक वीरेंद्र सिंह चौहान के निर्देशन में ट्रैप दल गठित किया गया।

पूर्व निर्धारित योजना के अनुसार शिकायतकर्ता गुरुवार को नटेरन तहसील स्थित पटवारी कार्यालय पहुंचा और जैसे ही उसने 30 हजार रुपये की रिश्वत पटवारी को सौंपी, लोकायुक्त की टीम ने तत्काल कार्रवाई करते हुए आरोपी को रंगे हाथों पकड़ लिया। आरोपी के कब्जे से रिश्वत की राशि भी बरामद कर ली गई।

लोकायुक्त पुलिस ने आरोपी पटवारी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 (संशोधित 2018) की धारा 7 के तहत मामला दर्ज कर आगे की वैधानिक कार्रवाई शुरू कर दी है।

लोकायुक्त अधिकारियों ने आम नागरिकों से अपील की है कि यदि कोई शासकीय अधिकारी या कर्मचारी किसी कार्य के बदले रिश्वत की मांग करता है, तो इसकी सूचना तत्काल लोकायुक्त कार्यालय को दें, ताकि भ्रष्टाचार के विरुद्ध प्रभावी कार्रवाई की जा सके।

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