लोकायुक्त पुलिस के अनुसार, फरियादी लक्ष्मण, निवासी ग्राम कुमरियाखेड़ी, तहसील सरदारपुर ने शिकायत दर्ज कराई थी कि उसके मकान के पीछे स्थित भूमि के पट्टे की प्रक्रिया को आगे बढ़ाने के लिए महिला पटवारी भारती राजपूत ने पहले ₹1 लाख की रिश्वत की मांग की थी। बातचीत के बाद प्रथम किश्त के रूप में ₹5000 देने की बात तय हुई। फरियादी ने इसकी शिकायत इंदौर लोकायुक्त कार्यालय में की, जिसके बाद शिकायत का सत्यापन कराया गया और आरोप सही पाए जाने पर ट्रैप की योजना बनाई गई।
शुक्रवार को लोकायुक्त टीम ने पूरी तैयारी के साथ जाल बिछाया। तय स्थान पर फरियादी ने जैसे ही आरोपी महिला पटवारी को ₹5000 की रिश्वत राशि सौंपी और उसने पैसे स्वीकार किए, पहले से तैनात लोकायुक्त टीम ने उसे रंगे हाथों पकड़ लिया। कार्रवाई के दौरान रिश्वत की राशि भी बरामद कर ली गई।
यह कार्रवाई लोकायुक्त के निरीक्षक आशुतोष के नेतृत्व में की गई। टीम में प्रधान आरक्षक आशीष शुक्ला, छह आरक्षक तथा एक महिला आरक्षक शामिल थीं। कार्रवाई के बाद आरोपी महिला पटवारी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 2018 की संबंधित धाराओं के तहत प्रकरण दर्ज कर आगे की जांच शुरू कर दी गई है।
लोकायुक्त अधिकारियों ने कहा कि सरकारी कार्य के बदले रिश्वत मांगने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ इसी तरह सख्त कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी तथा आम नागरिक बिना किसी भय के भ्रष्टाचार की शिकायत लोकायुक्त कार्यालय में कर सकते हैं।

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