हरदा। श्रुत पंचमी महापर्व के पावन अवसर पर हरदा नगर की दिगम्बर जैन समाज द्वारा माँ जिनवाणी के प्रति अटूट श्रद्धा एवं भक्ति भाव के साथ विविध धार्मिक कार्यक्रमों का हर्षोल्लासपूर्वक आयोजन किया गया। नगर के चारों जिनालयों एवं तारणतरण चैत्यालय में प्रातःकाल से ही श्रद्धालुओं की उपस्थिति रही और धर्ममय वातावरण का सृजन हुआ।
जैन समाज के कोषाध्यक्ष राजीव जैन ने बताया कि इस अवसर पर भगवान का जलाभिषेक, शांतिधारा, नित्य-नियम पूजन एवं माँ जिनवाणी की विशेष पूजा-अर्चना संपन्न हुई। श्रद्धालुओं ने श्रद्धा एवं भक्ति के साथ जिनवाणी ग्रंथों की पूजा कर उनके महत्व का स्मरण किया तथा अपने जीवन में जिनवाणी के सिद्धांतों को अपनाने का संकल्प लिया।
जैन समाज के उपाध्यक्ष प्रदीप अजमेरा ने बताया कि श्रुत पंचमी का यह पावन पर्व जैन धर्म में ज्ञान और शास्त्रों के प्रति श्रद्धा का प्रतीक माना जाता है। इस अवसर पर वक्ताओं ने कहा कि "जिनवाणी केवल ग्रंथ नहीं, बल्कि जीवन को दिशा देने वाला प्रकाश है। श्रद्धा, ज्ञान और साधना से यह आत्मा को परम पथ की ओर अग्रसर करती है।"
हरदा नगर की दिगम्बर जैन समाज ने पूरे उत्साह एवं श्रद्धा के साथ इस महापर्व को मनाते हुए माँ जिनवाणी की प्रभावना की तथा समाज में धर्म, ज्ञान और संस्कारों के प्रसार का संदेश दिया। सभी जिनालयों में भक्तिमय वातावरण के बीच श्रद्धालुओं ने धर्मलाभ प्राप्त किया और समाज की सुख-समृद्धि एवं विश्व शांति की मंगलकामना की। श्रुत पंचमी महापर्व का यह आयोजन श्रद्धा, भक्ति और ज्ञान की त्रिवेणी बनकर सभी श्रद्धालुओं के लिए आध्यात्मिक प्रेरणा का स्रोत बना।

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