शहर की दुकानों पर शराब की बोतल, जिस पर MRP स्पष्ट अंकित है, ग्राहकों को अधिक राशि में बेची जा रही है। बिल मांगने पर भी बिल नहीं दिया जा रहा। यह जनता के साथ धोखाधड़ी है।
*अंकित मूल्य से अधिक पर शराब बेचना किन धाराओं के अंतर्गत अपराध है:*
1. *म.प्र. आबकारी अधिनियम 1915 की धारा 36:* निर्धारित मूल्य से अधिक पर मदिरा विक्रय करने पर 6 माह तक का कारावास या ₹2000 तक जुर्माना या दोनों।
2. *म.प्र. आबकारी अधिनियम 1915 की धारा 34(1) एवं 34(2):* लाइसेंस की शर्तों का उल्लंघन मानते हुए लाइसेंस निलंबन से लेकर स्थायी रूप से निरस्त करने का प्रावधान।
3. *उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम 2019 की धारा 2(47):* इसे 'अनुचित व्यापार प्रथा' माना गया है, जिस पर ₹10 लाख तक जुर्माना लग सकता है।
4. *विधिक माप विज्ञान अधिनियम 2009 की धारा 36:* MRP से अधिक वसूली पर ₹25,000 से ₹50,000 तक जुर्माना।
5. *भारतीय न्याय संहिता 2023 की धारा 318:* धोखाधड़ी का मामला दर्ज हो सकता है।
जनता से अपील है कि यदि किसी भी शराब दुकान पर MRP से अधिक पैसा मांगा जाए तो तत्काल 181 CM Helpline या जिला आबकारी अधिकारी पर शिकायत दर्ज कराएं। "फ्रिज चार्ज" या "ठंडी बोतल" के नाम पर अतिरिक्त राशि लेना अवैध है। MRP में सभी चार्ज शामिल हैं।
विधायक प्रतिनिधि श्री जैन ने कहा कि कलेक्टर महोदय से आग्रह है कि दोषी दुकानों पर कठोर कार्रवाई कर लाइसेंस निलंबित किया जाए।

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