जानकारी के अनुसार, जैसीनगर निवासी भगवान दास सोलंकी ने लोकायुक्त कार्यालय में लिखित शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में बताया गया था कि उनकी पुत्रवधू ने ग्राम कंकर कुइया में लगभग 1.4 हेक्टेयर (करीब साढ़े तीन एकड़) कृषि भूमि खरीदी है। भूमि के नामांतरण (म्यूटेशन) की प्रक्रिया पूरी करने के बदले पटवारी मानवेंद्र सिंह ठाकुर ने 10 हजार रुपये की रिश्वत मांगी थी। इतना ही नहीं, रकम नहीं देने पर काम अटकाने की धमकी भी दी गई थी।
शिकायत मिलने के बाद लोकायुक्त पुलिस ने 8 जून 2026 को मामले का सत्यापन कराया। जांच में रिश्वत मांगने की शिकायत सही पाए जाने पर टीम ने आरोपी को पकड़ने के लिए योजना बनाई। तय रणनीति के तहत शुक्रवार को फरियादी को पटवारी से संपर्क कर रिश्वत की राशि देने के लिए बुलाया गया।
जैसे ही तिली तिराहे के पास पटवारी ने 10 हजार रुपये की रिश्वत लेने के लिए हाथ बढ़ाया, पहले से घात लगाए बैठी लोकायुक्त टीम ने उसे दबोच लिया। कार्रवाई के दौरान रिश्वत की पूरी रकम भी बरामद कर ली गई।
लोकायुक्त के महानिदेशक योगेश देशमुख के निर्देश तथा उप पुलिस महानिरीक्षक मनोज सिंह के मार्गदर्शन में निरीक्षक रंजीत सिंह और उनकी टीम ने इस ट्रैप कार्रवाई को अंजाम दिया। आरोपी पटवारी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत प्रकरण दर्ज कर लिया गया है और मामले की आगे की जांच जारी है।
इस कार्रवाई को सागर जिले में भ्रष्टाचार के खिलाफ लोकायुक्त की बड़ी कार्रवाई माना जा रहा है। रंगे हाथों गिरफ्तारी के बाद राजस्व विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों में भी चर्चा का माहौल बना हुआ है।

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