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मूंग खरीदी की मांग पर किसानों का आंदोलन उग्र, आधे दिन हरदा बंद के बाद चारों दिशाओं में चक्काजाम


सातवें दिन भी धरना जारी, 100 प्रतिशत खरीदी की मांग पर अड़े किसान; सरकार केवल 25 प्रतिशत उत्पादन खरीद रही, भोपाल कूच की चेतावनी

हरदा (सार्थक जैन/स्वासिक गंगवाल)। समर्थन मूल्य पर मूंग की 100 प्रतिशत खरीदी की मांग को लेकर हरदा जिले में किसानों का आंदोलन लगातार सातवें दिन भी जारी रहा। भारतीय किसान संघ (भाकिसं), आम किसान यूनियन और राष्ट्रीय किसान मंच के नेतृत्व में शुक्रवार को आंदोलन ने उग्र रूप ले लिया। किसानों के आह्वान पर आधे दिन तक हरदा शहर बंद रहा, जिसमें व्यापारियों ने भी खुलकर समर्थन दिया। इसके बाद किसानों ने जिले की चारों दिशाओं में प्रवेश करने वाले राष्ट्रीय एवं राज्य मार्गों पर सांकेतिक चक्का जाम कर सरकार के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया। समाचार लिखे जाने तक कई स्थानों पर किसानों का चक्का जाम और धरना जारी था, जिससे यातायात प्रभावित रहा।

आधे दिन बंद रहा शहर, व्यापारियों ने दिया समर्थन - भारतीय किसान संघ के आह्वान पर सुबह से ही किसान बाजार में पहुंचे और व्यापारियों से दुकानें बंद रखने की अपील की। व्यापारियों ने भी किसानों की मांग का समर्थन करते हुए आधे दिन तक अपने प्रतिष्ठान बंद रखे। शहर में केवल सब्जी मंडी और मेडिकल स्टोर खुले रहे, जबकि अधिकांश बाजार बंद रहा।

चारों दिशाओं में हाईवे पर चक्का जाम - बाजार बंद के बाद किसानों ने आंदोलन को और तेज करते हुए जिले की चारों दिशाओं में स्थित प्रमुख मार्गों पर चक्का जाम किया। इंदौर रोड, खंडवा रोड, बैतूल रोड और अन्य प्रमुख मार्गों पर किसानों ने सड़क पर बैठकर प्रदर्शन किया। आंदोलन के दौरान किसानों ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी की और समर्थन मूल्य पर पूरी मूंग खरीदी की मांग दोहराई।

आम किसान यूनियन और राष्ट्रीय किसान मंच के बैनर तले हुए प्रदर्शन में किसानों ने सामूहिक रूप से हनुमान चालीसा का पाठ भी किया और सरकार से किसानों के हित में तत्काल निर्णय लेने की मांग की।

सरकार केवल 25 प्रतिशत उत्पादन खरीद रही - कृषि उप संचालक प्रकाश ठाकुर के अनुसार प्रदेश में मूंग का औसत उत्पादन 12 क्विंटल प्रति हेक्टेयर निर्धारित किया गया है। शासन के निर्देशानुसार कुल उत्पादन का केवल 25 प्रतिशत ही समर्थन मूल्य पर खरीदा जा रहा है।

हरदा जिले में इस वर्ष लगभग 1 लाख 24 हजार हेक्टेयर में मूंग की खेती हुई है। मूंग बेचने के लिए 41 हजार 418 किसानों ने पंजीयन कराया है। वर्तमान व्यवस्था के अनुसार प्रति एकड़ केवल 1 क्विंटल 20 किलोग्राम मूंग की ही खरीदी की जा रही है। इसी व्यवस्था का किसान विरोध कर रहे हैं और इसे किसानों के साथ अन्याय बता रहे हैं।

किसानों की मांग—100 प्रतिशत मूंग खरीदी हो - किसानों का कहना है कि इस वर्ष जिले में मूंग का उत्पादन अच्छा हुआ है, लेकिन सरकार सीमित मात्रा में खरीदी कर रही है। इससे किसानों को अपनी उपज खुले बाजार में कम कीमत पर बेचने के लिए मजबूर होना पड़ेगा। किसानों की मांग है कि सभी पंजीकृत किसानों की 100 प्रतिशत मूंग समर्थन मूल्य पर खरीदी की जाए।

भारतीय किसान संघ का दावा है कि जिले के करीब 40 हजार किसानों ने समर्थन मूल्य पर मूंग बेचने के लिए पंजीयन कराया है, लेकिन मौजूदा नीति से अधिकांश किसानों को नुकसान होगा। किसान नेताओं का आरोप है कि सरकार उनकी मांगों की लगातार अनदेखी कर रही है।

गांव-गांव पहुंचकर बनाया माहौल - आंदोलन से पहले किसान नेताओं ने गांव-गांव जाकर किसानों से संपर्क किया और उन्हें आंदोलन में शामिल होने का आह्वान किया। शुक्रवार को बड़ी संख्या में किसान हरदा पहुंचे और प्रदर्शन में शामिल हुए। आंदोलन के दौरान किसानों ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए समर्थन मूल्य पर पूरी खरीदी की मांग उठाई।

प्रशासन ने की वैकल्पिक यातायात व्यवस्था - चक्का जाम की पूर्व सूचना मिलने के कारण पुलिस और प्रशासन पहले से सतर्क रहा। प्रशासन ने विभिन्न स्थानों पर वैकल्पिक यातायात व्यवस्था लागू की। बायपास, हनुमान मंदिर, खड़ेपुरा नाका और सिविल लाइन थाना क्षेत्र सहित अन्य प्रमुख मार्गों से वाहनों को डायवर्ट किया गया। सभी प्रदर्शन स्थलों पर पुलिस बल और प्रशासनिक अधिकारी तैनात रहे, जिससे कानून-व्यवस्था बनी रही।

भोपाल कूच की चेतावनी - किसानों ने चेतावनी दी है कि यदि सरकार ने शीघ्र ही 100 प्रतिशत मूंग खरीदी का निर्णय नहीं लिया तो आंदोलन को और उग्र किया जाएगा। किसान संगठनों ने स्पष्ट कहा है कि आवश्यकता पड़ने पर भोपाल का घेराव किया जाएगा। उनका कहना है कि जब तक सभी किसानों की पूरी मूंग समर्थन मूल्य पर खरीदने का आदेश जारी नहीं होता, तब तक धरना-प्रदर्शन और आंदोलन जारी रहेगा।

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