मुआवजे की राशि दोगुनी करने से खत्म होगी किसानों की 'आनाकानी'
मध्यप्रदेश की मोहन सरकार की आज कैबिनेट की बैठक में किसानों के लिए बड़ा फैसला लिया गया। अब विकास परियोजनाओं के लिए किसानों से किए जाने वाले भू अर्जन पर चार गुना मुआवजा दिया जाएगा। इसके लिए 2015 के नियम में संशोधन करने का निर्णय लिया गया।
अब गुणांक दो तक भू अर्जन के लिए होगा। अभी यह एक था, जिसके कारण किसानों को भू अर्जन की स्थिति में दो गुना राशि ही मिल पाती थी। इसके कारण किसान भूमि देने में आनाकानी करते थे, जिसका असर परियोजनाओं पर पड़ता था।
भारतीय किसान संघ सहित विभिन्न औद्योगिक संगठनों ने भूमि अर्जन के लिए दिए जाने वाले मुआवजे के राशि को बढ़ाने की मांग की थी। मुख्यमंत्री ने इस विषय की निराकरण के लिए लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह, जल संसाधन मंत्री तुलसीराम सिलावट और सूक्ष्म लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्री चैतन्य काश्यप की समिति बनाई थी।
इसके साथ ही सरकार ने सीएम केयर योजना के तहत स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने की दिशा में कदम बढ़ाया है। योजना के अंतर्गत सरकारी और निजी मेडिकल कॉलेजों में सुपर स्पेशियलिटी सेवाओं जैसे ऑन्कोलॉजी, कार्डियोलॉजी और अंग प्रत्यारोपण इकाइयों को विकसित किया जाएगा।
एक और महत्वपूर्ण निर्णय के तहत अस्पतालों में भर्ती मरीजों के परिजनों के लिए विश्राम गृह बनाए जाएंगे। ये विश्राम गृह परोपकारी संस्थाओं के सहयोग से तैयार किए जाएंगे, जिनका संचालन ‘न लाभ, न हानि’ के आधार पर होगा। वहीं, मंडला में मेडिकल कॉलेज निर्माण को भी मंजूरी दी गई है। इस परियोजना के लिए करीब 347 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है, जिससे क्षेत्र में स्वास्थ्य सेवाओं को बड़ा लाभ मिलने की उम्मीद है।सरकार ने इसके अलावा युवाओं के कौशल विकास के लिए कार्यक्रमों और प्रशासनिक ढांचे को मजबूत करने से जुड़े प्रस्तावों को भी स्वीकृति दी है। कुल मिलाकर, कैबिनेट के ये फैसले किसानों को राहत देने और राज्य में स्वास्थ्य सुविधाओं को सुदृढ़ करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माने जा रहे हैं।


0 टिप्पणियाँ