मामला क्या है?
दिल्ली की विशेष सत्र अदालत पहले ही भारती को 3 साल की सजा और डेढ़ लाख के जुर्माने से दंडित कर चुकी है। आरोप है कि उन्होंने बैंक अध्यक्ष रहते हुए एफडी घोटाले के जरिए धोखाधड़ी कर रकम हड़प ली थी।
हाई कोर्ट में क्या हुआ?
भारती ने निचली अदालत के फैसले को चुनौती देते हुए हाई कोर्ट में अपील की थी और साथ ही सजा पर रोक (स्टे) व जमानत की मांग की थी। लेकिन कोर्ट ने तुरंत राहत देने सेआ इनकार करते हुए सुनवाई जुलाई तक टाल दी।
अयोग्यता तय
सजा मिलते ही भारती की विधायकी समाप्त हो चुकी है। दतिया सीट को रिक्त घोषित कर दिया गया है और इसकी सूचना चुनाव आयोग को भेजी जा चुकी है।
उपचुनाव लगभग तय! अब जबकि हाई कोर्ट से जुलाई तक राहत की कोई संभावना नहीं दिख रही, दतिया में उपचुनाव की आहट तेज हो गई है। राजनीतिक गलियारों में चर्चा गर्म है कि आने वाले 2–3 महीनों में दतिया का चुनावी माहौल पूरी तरह बदल सकता है।

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