प्रदेश भर में यह अभियान 26 अप्रैल से 10 मई तक चलाया जा रहा है। इस दौरान बिना हेलमेट वाहन चलाने वाले चालकों के साथ-साथ पीछे बैठने वाले यात्रियों पर भी कार्रवाई की जाएगी। पुलिस प्रशासन का कहना है कि अभियान का मुख्य उद्देश्य लोगों को यातायात नियमों के प्रति जागरूक करना और सड़क हादसों में कमी लाना है।
मुख्यालय से जारी निर्देश
पुलिस परिवहन एवं शोध संस्थान, पुलिस मुख्यालय भोपाल द्वारा जारी पत्र में स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि प्रदेश में बढ़ती सड़क दुर्घटनाओं को देखते हुए हेलमेट पहनना अनिवार्य रूप से लागू कराया जाए। पत्र में उल्लेख किया गया है कि हर वर्ष सड़क दुर्घटनाओं में बड़ी संख्या में लोगों की मौत होती है, जिनमें करीब 50 प्रतिशत दोपहिया वाहन चालक होते हैं, और इनमें अधिकांश ने हेलमेट नहीं पहना होता।
निर्देशों के अनुसार, सभी जिलों में पुलिस अधिकारियों को अभियान के दौरान सख्ती से कार्रवाई करने के साथ-साथ जनजागरूकता बढ़ाने पर भी जोर देने को कहा गया है। खासतौर पर युवाओं और महिला चालकों को हेलमेट के प्रति जागरूक करने, यातायात नियमों के पालन को सुनिश्चित करने और सड़क दुर्घटनाओं की रोकथाम के लिए लगातार प्रयास करने के निर्देश दिए गए हैं।
अधिकारियों ने बताया कि जिले में हेलमेट न पहनने की प्रवृत्ति अधिक देखने को मिलती है, जिसके कारण सिर में गंभीर चोट और मौत के मामलों में वृद्धि हो रही है। इसी को देखते हुए सख्ती बढ़ाई गई है। अभियान के दौरान पुलिस द्वारा जनजागरूकता कार्यक्रम भी आयोजित किए जा रहे हैं और जरूरतमंदों को नि:शुल्क हेलमेट वितरित किए जा रहे हैं। पुलिस ने आम नागरिकों से अपील की है कि वे अपनी सुरक्षा के लिए हेलमेट अवश्य पहनें और यातायात नियमों का पालन करें, ताकि दुर्घटनाओं से बचा जा सके।


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